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प्रधानमंत्री मोदी ने सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने पर जताई खुशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने पर गर्व व्यक्त किया। यह प्रतिक्रिया केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आई, जिन्होंने NEET-UG पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी ली। भाजपा नेताओं ने प्रधान के कार्यकाल की सराहना की, जबकि विपक्ष ने इसे केवल शुरुआत बताया। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में और क्या प्रतिक्रियाएं आईं।
 

प्रधानमंत्री की पहली प्रतिक्रिया


केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लगभग दो घंटे बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। हालांकि, उनका यह पोस्ट न तो इस्तीफे और न ही NEET-UG पेपर लीक विवाद से संबंधित था। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने को 'हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण' बताया।


भारत की विरासत का सम्मान

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सारनाथ भगवान बुद्ध से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्थल है, जहां से करुणा, शांति और ज्ञान का संदेश पूरे विश्व में फैला। उन्होंने यह भी कहा कि यूनेस्को की मान्यता भारत की समृद्ध सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत का सम्मान है, जिससे लोग सारनाथ आकर भगवान बुद्ध के आदर्शों से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे.


धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया। पिछले कुछ दिनों से छात्र संगठनों और विभिन्न विपक्षी दलों के समर्थन से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे थे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा शामिल था। सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और अन्य मांगों पर सहमति जताई, जिसके बाद आंदोलन फिलहाल स्थगित हो गया।


भाजपा की उपलब्धियों का जिक्र

प्रधान के इस्तीफे के बाद भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके कार्यकाल की सराहना की। नेताओं ने नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और भारतीय परंपरा आधारित शिक्षा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका का उल्लेख किया। कई केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।


विपक्ष की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा केवल शुरुआत है और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े बड़े सवाल अब भी बाकी हैं। वहीं, आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों ने इसे जनदबाव की जीत बताया, लेकिन कहा कि केवल एक इस्तीफे से पूरी जवाबदेही तय नहीं हो जाती। उनका कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच और व्यापक सुधार ही युवाओं का विश्वास बहाल कर सकते हैं.