प्रशांत किशोर की अगली चुनौती: बिहार विधान परिषद चुनाव
प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीति
प्रसिद्ध चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने हाल ही में बिहार की बांकीपुर सीट पर उपचुनाव जीतकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसमें किशोर ने अपनी पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। इस जीत के बाद, उन्हें राज्य में एक प्रमुख विपक्षी नेता के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, अब उनकी असली परीक्षा शुरू होने वाली है। बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव होने जा रहे हैं, जिसमें चार स्नातक और चार शिक्षक मतदाता क्षेत्र शामिल हैं। किशोर की जनसुराज पार्टी सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
ये सीटें बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई हैं, जैसे सारण, तिरहुत, दरभंगा, कोशी और पटना। इनमें से सारण शिक्षक क्षेत्र से किशोर ने पहले भी जीत हासिल की थी। इस बार उनकी सीट पर दांव लगा हुआ है। 2024 में तिरहुत स्नातक के उपचुनाव में किशोर के गौतम विनायक ने दूसरा स्थान प्राप्त किया था, लेकिन अब वे राजद के साथ जुड़ गए हैं।
चुनाव की दिलचस्पी इस बात में भी है कि पटना स्नातक सीट पर किशोर के संभावित उम्मीदवार डॉक्टर अनुज सिंह को जदयू के विधायक अनंत सिंह का समर्थन प्राप्त है। किशोर ने अगड़ा, पिछड़ा, मुस्लिम और महिला मतदाताओं का समीकरण तैयार किया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे एनडीए और राजद के लिए कितनी बड़ी चुनौती बनते हैं।