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प्रिंस रहीम आगा खान पंचम का भारत दौरा: विकास और सहयोग की नई संभावनाएं

प्रिंस रहीम आगा खान पंचम का भारत दौरा विभिन्न विकास क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात की, जिसमें स्वास्थ्य, कृषि और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर चर्चा की गई। आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क का भारत में योगदान और उनकी व्यक्तिगत पृष्ठभूमि भी इस दौरे का हिस्सा है। जानें उनके जीवन और कार्यों के बारे में अधिक जानकारी।
 

प्रिंस रहीम आगा खान पंचम का आधिकारिक दौरा


नई दिल्ली: प्रिंस रहीम आगा खान पंचम वर्तमान में भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जैसे प्रमुख नेताओं से मुलाकात की। इन बैठकों में स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में भारत और आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क (AKDN) के बीच सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की गई।


भारत यात्रा का उद्देश्य

प्रिंस रहीम आगा खान पंचम उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के निमंत्रण पर भारत आए हैं। अपने दौरे के दौरान, वह दिल्ली के अलावा अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद का भी दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे मुलाकात के बाद आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के साथ भारत की साझेदारी को आगे बढ़ाने के विषय में जानकारी साझा की।


Happy to meet His Highness Prince Rahim Aga Khan V. Fondly recalled his father, the late Aga Khan IV and his enduring contributions to development efforts.

Discussed ways to further strengthen our partnership with the Aga Khan Development Network in healthcare, agriculture,… pic.twitter.com/momsfAjgOi

— Narendra Modi (@narendramodi) September 10, 2026


प्रिंस रहीम आगा खान पंचम का परिचय

कौन हैं प्रिंस रहीम आगा खान पंचम? प्रिंस रहीम आगा खान पंचम निजारी इस्माइली मुसलमानों के 50वें वंशानुगत इमाम हैं। वह आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के अध्यक्ष भी हैं। उनका जन्म 12 अक्टूबर 1971 को जेनेवा, स्विट्जरलैंड में हुआ था। उनके पिता प्रिंस करीम आगा खान चतुर्थ, इस्माइली समुदाय के 49वें इमाम थे।


पिता के निधन के बाद, 4 फरवरी 2025 को प्रिंस रहीम आगा खान पंचम को समुदाय का 50वां इमाम बनाया गया। वह दुनिया भर में रहने वाले निजारी इस्माइली समुदाय के आध्यात्मिक नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाते हैं।


शिक्षा और पेशेवर जीवन

कहां से हुई पढ़ाई? प्रिंस रहीम आगा खान की प्रारंभिक शिक्षा अमेरिका की फिलिप्स अकादमी एंडोवर में हुई। इसके बाद उन्होंने 1995 में ब्राउन यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने स्पेन के IESE बिजनेस स्कूल में प्रबंधन और प्रशासन की पढ़ाई भी की।


उनका पेशेवर जीवन मुख्य रूप से विकास, सामाजिक कल्याण और परोपकारी गतिविधियों से जुड़ा रहा है। वह आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आर्थिक विकास से संबंधित कार्यों में सक्रिय रहे हैं।


परिवार और निजी जीवन

परिवार और निजी जिंदगी प्रिंस रहीम आगा खान ने 2013 में केंड्रा स्पीयर्स से विवाह किया, जिन्हें प्रिंसेस सलवा के नाम से भी जाना जाता है। दोनों का 2022 में तलाक हो गया। उनके दो बेटे हैं, प्रिंस इरफान और प्रिंस सिनान।


आगा खान नेटवर्क का भारत में योगदान

भारत में क्या काम करता है आगा खान नेटवर्क? आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क विभिन्न देशों में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण से संबंधित कार्यक्रम चलाता है। भारत में, आगा खान फाउंडेशन और आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर ने कई महत्वपूर्ण धरोहर संरक्षण परियोजनाओं में योगदान दिया है।


दिल्ली में हुमायूं के मकबरे और उसके मुगल बागों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार में आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के साथ मिलकर काम किया है। हैदराबाद में कुतुब शाही मकबरों के संरक्षण और जीर्णोद्धार से जुड़ा काम भी इसकी प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। पुणे का आगा खान पैलेस भी भारत के इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है। इसे 1892 में आगा खान तृतीय ने बनवाया था और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसका ऐतिहासिक महत्व रहा है।


आगा खान नेटवर्क की धरोहर परियोजनाओं की एक खास बात यह है कि स्थानीय कारीगरों, राजमिस्त्रियों और शिल्पकारों को संरक्षण कार्य में शामिल किया जाता है, जिससे ऐतिहासिक इमारतों के साथ-साथ पारंपरिक कारीगरी और स्थानीय कौशल को भी संरक्षित करने में मदद मिलती है।