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प्रियंका गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल, सरकार पर लगाए आरोप

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने हाल ही में देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और आरएसएस पर आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा बजट घट रहा है और NTA को जबरदस्ती स्थापित किया गया है। प्रियंका ने अरबपतियों के कर्ज माफ करने और शिक्षा में खामियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि देश का परीक्षा प्रणाली विफल हो चुकी है और युवाओं का भरोसा टूट चुका है। इस लेख में प्रियंका के विचारों और चिंताओं का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।
 

शिक्षा व्यवस्था पर प्रियंका गांधी के आरोप

कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को देश की शिक्षा प्रणाली पर प्रधानमंत्री और आरएसएस के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को आरएसएस के प्रचारकों से भरकर कमजोर कर दिया है.


NTA के गठन पर सवाल

वायनाड से सांसद प्रियंका ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को जबरदस्ती स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा, 'NTA को जबरदस्ती बनाकर और सिस्टम को केंद्रीकृत करके समस्याओं को और बढ़ा दिया गया है। देश के कुल बजट में शिक्षा का हिस्सा साल दर साल घटता जा रहा है। वर्तमान में शिक्षा बजट 1.4 लाख करोड़ रुपए है, जबकि नीट में 22 लाख छात्रों के परिवारों से हर साल 1.32 लाख करोड़ रुपए वसूले जाते हैं।'


अरबपतियों का कर्ज माफ

प्रियंका गांधी ने कहा कि जहां शिक्षा बजट 1.4 लाख करोड़ रुपए है, वहीं सरकार कुछ अरबपतियों का 16 लाख करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर देती है, जो दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं।


शिक्षा व्यवस्था में खामियां

उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली में कई खामियां आ गई हैं। कई बच्चे मानसिक दबाव के कारण आत्महत्या कर लेते हैं, जबकि अन्य डिप्रेशन में चले जाते हैं। परिवारों पर भी भारी दबाव है और उन्हें कर्ज लेना पड़ता है, फिर भी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कोई गारंटी नहीं है।


एग्जाम सिस्टम की विफलता

कांग्रेस नेत्री ने आगे कहा, 'सरकार ने रोजगार सृजन करने वाले क्षेत्रों को कमजोर कर दिया है। आज देश का परीक्षा प्रणाली विफल हो चुकी है। पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए हैं और 7.5 करोड़ छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ किया गया, लेकिन एक भी माफिया को सजा नहीं मिली।'


युवाओं का भरोसा टूटा

प्रियंका ने कहा, 'देश के युवाओं का इस पूरे सिस्टम से भरोसा टूट चुका है। इस भरोसे को फिर से स्थापित करने के लिए सिस्टम के भीतर से समाधान नहीं निकाला जा सकता। ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है, लेकिन अफसोस है कि मोदी सरकार इसे समझ नहीं पा रही है। सरकार को अब भी लगता है कि PR और पालतू मीडिया के सहारे उनकी नैय्या पार हो जाएगी।'