प्रियांक खरगे का आरएसएस को कानूनी नोटिस: दस्तावेजों की मांग
आरएसएस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने मंगलवार को एक अल्टीमेटम जारी करते हुए कहा कि यदि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह आरएसएस से उसकी स्थापना और वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों की मांग करते रहेंगे। यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो वे कानूनी कदम उठाने के लिए तैयार हैं.
आरएसएस के खिलाफ अभियान की शुरुआत
मंत्री प्रियांक खरगे ने आरएसएस के खिलाफ एक अभियान शुरू किया है, जिसमें वे इस संगठन से देश में उसके रजिस्ट्रेशन और वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज दिखाने की मांग कर रहे हैं.
प्रियांक खरगे का बयान
आरएसएस की स्थापना और इसके खर्च के बारे में सोशल मीडिया पर पूछे गए सवालों के जवाब में खरगे ने कहा, 'मैंने उनसे जानकारी मांगी है, अभी एक सप्ताह ही हुआ है। वे 100 साल के इतिहास वाले देशभक्त हैं। उनके पास कहीं न कहीं दस्तावेज जरूर होंगे-या तो नागपुर में या बेंगलुरु स्थित 'केशव कृपा' (आरएसएस का प्रदेश मुख्यालय) में या सरसंघचालक के घर पर।'
दस्तावेजों की मांग पर जोर
उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस नेताओं को जल्द ही दस्तावेज उपलब्ध कराने चाहिए। खरगे ने कहा, 'इतनी जल्दी क्या है? उन्हें कुछ समय दीजिए। अगर उनके पास कोई दस्तावेज नहीं है, तो हो सकता है कि उन्हें वे तैयार करने पड़ें।'
आरएसएस की पहचान जानने की कोशिश
जब पत्रकारों ने पूछा कि यदि आरएसएस दस्तावेज नहीं दिखाता है तो क्या होगा, इस पर खरगे ने कहा कि देश में कानून है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल रजिस्ट्रेशन दस्तावेज की मांग नहीं है, बल्कि यह जानने की कोशिश है कि वे कौन हैं.
खरगे की बातचीत की पेशकश
उन्होंने कहा, 'वे निश्चित रूप से हमारे पास आएंगे। इस मुद्दे पर वरिष्ठ वकीलों के लंबे संपादकीय, सोशल मीडिया पर बड़ी-बड़ी पोस्ट या पॉडकास्ट से मुझ पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जो लोग आरएसएस का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं, मैं उनसे बातचीत करने के लिए तैयार हूं।'