फरीदाबाद-जेवर एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली की तैयारी
फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक का सफर महंगा होगा
फरीदाबाद-जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेसवे टोल: फरीदाबाद से नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (जेवर) को जोड़ने वाले 31 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले ड्राइवरों पर अब टोल का बोझ बढ़ने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) मोहना गांव के पास एक नया टोल प्लाजा स्थापित कर रहा है। अगले दो महीनों में इस टोल प्लाजा का निर्माण पूरा होते ही एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स की वसूली शुरू हो जाएगी।
फरीदाबाद-जेवर एक्सप्रेसवे का मार्ग: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आवागमन को सुगम बनाने के लिए बन रहे फरीदाबाद-जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर यात्रा अब महंगी होने जा रही है। एनएचएआई ने इस रूट पर मोहना गांव के निकट टोल प्लाजा के निर्माण का कार्य तेज कर दिया है।
जैसे ही टोल प्लाजा और एक्सप्रेसवे का कार्य अगले दो महीनों में पूरा होगा, यहां से गुजरने वाले वाहनों से टोल टैक्स लिया जाएगा। जेवर में स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सीधे जोड़ने के कारण इस एक्सप्रेसवे का महत्व बढ़ गया है।
31 किलोमीटर लंबा हाईवे: यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे कुल 31 किलोमीटर लंबा है, जो हरियाणा और उत्तर प्रदेश को जोड़ता है। इस एक्सप्रेसवे का 24 किलोमीटर का हिस्सा हरियाणा के अंतर्गत आता है।
बचा हुआ 7 किलोमीटर का हिस्सा उत्तर प्रदेश में बनाया जा रहा है। यह नया मार्ग फरीदाबाद के सेक्टर-65 से शुरू होकर पलवल के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए सीधे जेवर हवाई अड्डे तक पहुंचेगा।
मोहना में टोल का कारण: एनएचएआई मोहना गांव के पास टोल प्लाजा का निर्माण कर रहा है क्योंकि यहां कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला इंटरचेंज बन रहा है। इस इंटरचेंज के माध्यम से दोनों प्रमुख मार्गों के बीच वाहनों की आवाजाही सीधे जुड़ जाएगी।
जो भी वाहन मोहना इंटरचेंज का उपयोग करके एक्सप्रेसवे पर चढ़ेंगे या उतरेंगे, उन्हें निर्धारित टोल टैक्स का भुगतान करना होगा। यह व्यवस्था स्थानीय और लंबी दूरी के यात्रियों पर वित्तीय प्रभाव डालेगी।
तेज रफ्तार और अंतिम कार्य: हवाई अड्डे तक सीधी पहुंच प्रदान करने के लिए एजेंसी एक्सप्रेसवे को तेजी से अंतिम रूप दे रही है। मार्ग पर साइन बोर्ड, आधुनिक स्ट्रीट लाइटें और सुरक्षा रेलिंग का कार्य अंतिम चरण में है।
हादसों को रोकने के लिए एनएचएआई ने यहां गति सीमा भी निर्धारित की है। छोटे निजी वाहनों के लिए अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी व्यावसायिक वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है।