फरीदाबाद में फर्जी UPI पेमेंट से कपल ने दुकानदारों को लगाया चूना
फरीदाबाद में UPI ठगी का मामला
फरीदाबाद में फर्जी UPI पेमेंट का मामला: डिजिटल लेनदेन के बढ़ने के साथ-साथ ऑनलाइन ठगी के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में फरीदाबाद में एक कपल ने तीन दुकानों से लगभग 25,000 रुपये की खरीदारी की और फर्जी UPI पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर फरार हो गए। जब दुकानदारों ने अपने खातों की जांच की, तो उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला। यह धोखाधड़ी तीन दुकानदारों के साथ की गई है, जिन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई घटना
इस मामले से संबंधित CCTV फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में एक महिला दुकान में खरीदारी करती नजर आ रही है, जबकि बाद में वह दुकान के बाहर बाइक के पास जाती है। इसके बाद उसका साथी QR कोड स्कैन करने का नाटक करता है और दुकानदार को भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर सामान लेकर चला जाता है। पुलिस का कहना है कि दुकानों के आसपास लगे CCTV फुटेज के माध्यम से संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
पहली दुकान में खरीदे गए चार नाइट सूट
दुकानदार गोविंद गर्ग के अनुसार, आरोपी मंगलवार शाम ठाकुरवाड़ा स्थित गर्ग गारमेंट्स एंड संस में पहुंचे। उन्होंने चार नाइट सूट खरीदे, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹4,400 थी। आरोपियों ने UPI से भुगतान करने का दावा किया और QR स्कैनर लेकर दुकान से बाहर जाने के लिए कहा। इसके बाद ₹4,400 के भुगतान का एक स्क्रीनशॉट दिखाया गया, जिसमें दुकान का नाम भी था। शुरुआत में दुकानदार को भुगतान होने का विश्वास हुआ, लेकिन बाद में जब ट्रांजेक्शन हिस्ट्री चेक की गई, तो खाते में ₹4,400 जमा होने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
अन्य दुकानों में भी की गई खरीदारी
इसी तरह से आरोपियों ने फरीदाबाद की दो अन्य दुकानों से भी सामान खरीदा। सेक्टर-37 के एक गारमेंट स्टोर से लगभग ₹15,000 की खरीदारी की गई और सेक्टर-23 के एक कपड़ों के शोरूम से करीब ₹6,000 का सामान लिया गया। इस प्रकार तीन दुकानों से कुल मिलाकर लगभग ₹25,400 की ठगी की गई। दुकानदारों के अनुसार, स्क्रीनशॉट में भुगतान सफल दिख रहा था, लेकिन पैसे उनके खातों में नहीं आए। इसके बाद दुकानदारों ने आसपास की दुकानों पर जानकारी जुटाई, जिससे पूरा मामला सामने आया। गोविंद गर्ग की शिकायत के बाद ओल्ड फरीदाबाद थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।