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फरीदाबाद में सामूहिक दुष्कर्म का मामला: क्या फिर से उठेगा निर्भया कांड का सवाल?

फरीदाबाद में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। महिला को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाया गया और फिर रात भर चलती वैन में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता को गंभीर चोटें आई हैं और वह अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन सवाल यह है कि चलती गाड़ी में उसकी चीखें सुनकर कोई मदद के लिए क्यों नहीं आया। इस घटना ने निर्भया कांड की यादें ताजा कर दी हैं।
 

फरीदाबाद में दुष्कर्म की घटना ने मचाई हलचल


फरीदाबाद: फरीदाबाद में एक सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। एक महिला को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाया गया, जिसके बाद उसे रात भर चलती वैन में गैंगरेप का शिकार बनाया गया। अंततः उसे तेज रफ्तार गाड़ी से सुनसान सड़क पर फेंक दिया गया। इस घटना में पीड़िता को सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं।


यह घटना निर्भया कांड की यादें ताजा कर देती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि चलती गाड़ी में पीड़िता की चीखें सुनकर भी कोई मदद के लिए क्यों नहीं आया। पुलिस ने इस मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।


तीन घंटे तक बंधक, चीखें सुनने वाला कोई नहीं

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं का कहना है कि महिला को लगभग तीन घंटे तक चलती वैन में बंधक रखा गया। यह घटना फरीदाबाद की कम जनसंख्या वाली सड़कों पर हुई। महिला ने मदद के लिए चीखने की कोशिश की, लेकिन घने कोहरे और ठंड के कारण उसकी आवाज किसी तक नहीं पहुंच सकी।


पारिवारिक विवाद के चलते घर से निकली थी पीड़िता

25 वर्षीय पीड़िता, जो तीन बच्चों की मां है, वैवाहिक विवाद के कारण अपने माता-पिता के घर रह रही थी। घटना के बाद उसे गंभीर चोटें आईं और 12 से अधिक टांके लगाने पड़े। फिलहाल, वह फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उसकी स्थिति गंभीर है और वह अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है।


लिफ्ट के बहाने दरिंदगी, आरोपी गुरुग्राम की ओर ले गए

पुलिस के अनुसार, फरीदाबाद में रहने वाले दोनों आरोपियों ने सड़क पर खड़ी महिला को लिफ्ट देने का प्रस्ताव दिया। गंतव्य तक छोड़ने के बजाय, वे उसे गुरुग्राम की ओर ले गए और कार के अंदर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि पूरी रात महिला को वैन में घुमाया गया और तड़के करीब तीन बजे राजा चौक के पास 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती गाड़ी से उसे बाहर फेंक दिया गया।


गंभीर चोटों के बावजूद बहन को किया फोन

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, पीड़िता ने किसी तरह अपनी बहन को फोन किया। उसकी बहन मौके पर पहुंची और उसे बादशाह खान सिविल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर देखते हुए दिल्ली रेफर करने की सलाह दी, लेकिन परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया।


अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया, "पीड़िता के चेहरे की हड्डियां टूटी हैं और कंधा डिसलोकेट हो गया है। सर्जरी की तैयारी की जा रही है। फिलहाल, वह खतरे से बाहर है।"


बहन की शिकायत से खुला मामला

पीड़िता की बहन ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि गाड़ी से फेंके जाने के बाद उसकी बहन को गंभीर चोटें आईं। शिकायत के अनुसार, महिला सोमवार शाम सेक्टर-23 में एक दोस्त के घर गई थी और लौटते समय आरोपियों ने उसे लिफ्ट दी। वह दोनों आरोपियों को पहले से नहीं जानती थी।


आरोपियों ने जुर्म कबूल किया, वैन जब्त

पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की गई वैन को जब्त कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता यशपाल यादव ने कहा, "टीआईपी (टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड) की प्रक्रिया के कारण फिलहाल आरोपियों के नाम और फोटो सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। जांच जारी है।"


बुधवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं।