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फर्जी एयरफोर्स अधिकारी को सिकंदराबाद में पकड़ा गया

सिकंदराबाद में एक डिलीवरी एजेंट को भारतीय वायुसेना की वर्दी पहनकर खुद को फ्लाइंग ऑफिसर बताने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने इंस्टाग्राम पर भी फर्जी प्रोफाइल बनाई थी, जिससे वह युवतियों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस अब उसकी गतिविधियों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने इस फर्जी पहचान का उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
 

सिकंदराबाद में फर्जी एयरफोर्स अधिकारी की गिरफ्तारी

हैदराबाद: भारतीय वायुसेना की वर्दी पहनकर खुद को फ्लाइंग ऑफिसर बताने वाले एक व्यक्ति को सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी वहां सैन्य वर्दी में तस्वीरें खिंचवा रहा था, तभी सुरक्षा कर्मियों को उस पर संदेह हुआ। पूछताछ के दौरान उसकी असलियत सामने आ गई, जिसके बाद उसे बेगमपेट पुलिस के हवाले कर दिया गया।


आरोपी की पहचान और पेशा

बिहार का निवासी, डिलीवरी एजेंट
पुलिस जांच में आरोपी की पहचान नीतेश कुमार पाल के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और वर्तमान में हैदराबाद के नेरेडमेट क्षेत्र में किराए पर रह रहा था। पेशे से वह एक डिलीवरी एजेंट है, लेकिन उसने लोगों को धोखा देने के लिए वायुसेना के अधिकारी का फर्जी रूप धारण किया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने यह फर्जी पहचान किन-किन उद्देश्यों के लिए बनाई थी।


परेड ग्राउंड में संदिग्ध गतिविधियाँ

सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता
यह घटना 7 अक्टूबर की दोपहर लगभग 1:45 बजे हुई। सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने एक युवक को एयरफोर्स की पूरी वर्दी में घूमते और विभिन्न पोज में तस्वीरें लेते देखा। उसकी शारीरिक भाषा और संदिग्ध गतिविधियों को देखकर जवानों को संदेह हुआ। जब उनसे सर्विस से जुड़े सवाल पूछे गए और पहचान पत्र मांगा गया, तो वह घबरा गया। प्रारंभिक पूछताछ में ही यह स्पष्ट हो गया कि उसका भारतीय वायुसेना से कोई संबंध नहीं है।


सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान

इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल
जांच में पता चला है कि आरोपी ने इंस्टाग्राम पर खुद को वायुसेना अधिकारी के रूप में पेश करते हुए एक प्रोफाइल बनाई थी। जांचकर्ताओं को संदेह है कि वह इस फर्जी पहचान का उपयोग करके युवतियों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा था। वह परेड ग्राउंड में सैन्य पृष्ठभूमि वाली तस्वीरें खिंचवाने आया था ताकि उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड कर अपनी फर्जी पहचान को सही साबित कर सके।


पुलिस की कार्रवाई

बेगमपेट पुलिस की जांच
सैन्य कर्मियों द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद, बेगमपेट थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की साइबर और तकनीकी टीम अब आरोपी के फोन कॉल्स, चैट रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया हैंडल्स की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने इस फर्जी पहचान के जरिए किसी महिला या व्यक्ति से वित्तीय धोखाधड़ी या ब्लैकमेलिंग की है और उसे वायुसेना की यह आधिकारिक वर्दी कहां से मिली।