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फिटनेस की दुनिया में बढ़ती मौतों का रहस्य: 56 बॉडीबिल्डर्स का निधन

फिटनेस की दुनिया में हाल के दिनों में युवा बॉडीबिल्डर्स की अचानक मौतों ने सभी को चौंका दिया है। 2025 में 56 बॉडीबिल्डर्स की मृत्यु हुई, जिनकी औसत आयु केवल 35 वर्ष थी। शोध से पता चला है कि पेशेवर एथलीटों में दिल का दौरा पड़ने का खतरा शौकिया एथलीटों की तुलना में पांच गुना अधिक है। जानें कि कैसे अत्यधिक वजन उठाना और स्टेरॉयड का उपयोग इन मौतों का कारण बन रहा है।
 

फिटनेस के दीवानों के लिए चेतावनी

नई दिल्ली: एक मजबूत और आकर्षक शरीर, उभरी हुई मांसपेशियां और सिक्स पैक एब्स देखकर लोग अक्सर फिटनेस के प्रति आकर्षित होते हैं। लेकिन क्या यह 'परफेक्ट' दिखने वाला शरीर वास्तव में अंदर से भी उतना ही मजबूत है? हाल के दिनों में युवा बॉडीबिल्डर्स और फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स की अचानक मौतों ने इस क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। हाल ही में ब्राजील में एक प्रसिद्ध फिटनेस इन्फ्लुएंसर की दमदार तस्वीर पोस्ट करने के कुछ घंटों बाद ही उनकी मृत्यु हो गई। यह कोई अकेली घटना नहीं है। चिकित्सा अनुसंधान और आंकड़े बताते हैं कि बाहरी रूप से तंदुरुस्त दिखने वाले ये युवा अंदर से कमजोर हो रहे हैं, जिससे भारी वजन उठाने या प्रतियोगिताओं के दौरान उनका दिल अचानक काम करना बंद कर देता है।


2025 में 56 बॉडीबिल्डर्स की मौत

साल 2025 में बॉडीबिल्डिंग की दुनिया के लिए एक भयावह वर्ष साबित हुआ है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, इस वर्ष कुल 56 प्रतिस्पर्धी बॉडीबिल्डर्स की मृत्यु हुई है, जिनकी औसत आयु केवल 35 वर्ष थी। इनमें से अधिकांश की मौत दिल से संबंधित बीमारियों के कारण हुई। इस सूची में पंजाब के प्रसिद्ध बॉडीबिल्डर और अभिनेता वरिंदर सिंह घुमन का नाम भी शामिल है, जिनका निधन एक साधारण कंधे की सर्जरी के दौरान कार्डियक अरेस्ट से हुआ। इसी तरह, 'रशियन हल्क' के नाम से जाने जाने वाले एक एथलीट की मृत्यु लंबे समय तक सिंथोल इंजेक्शन के उपयोग के बाद मल्टी-ऑर्गन फेलियर से हुई। भारत में एक पावरलिफ्टर की प्रतियोगिता के दौरान 770 पाउंड डेडलिफ्ट करने के बाद अचानक मौत हो गई।


20,000 एथलीटों पर अध्ययन से चौंकाने वाले तथ्य

मई 2025 में 'यूरोपियन हार्ट जर्नल' में प्रकाशित एक अध्ययन ने इन मौतों के पीछे कई कारणों का खुलासा किया। इटली के पडुआ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ बॉडीबिल्डिंग एंड फिटनेस (IFBB) से जुड़े लगभग 20,300 एथलीटों के स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण किया। इस दौरान 121 मौतें दर्ज की गईं, जिनमें से 46 मौतें अचानक कार्डियक अरेस्ट के कारण हुईं। शोधकर्ताओं ने पाया कि पेशेवर बॉडीबिल्डरों में अचानक दिल का दौरा पड़ने का खतरा शौकिया एथलीटों की तुलना में पांच गुना अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक वजन उठाना, सख्त डाइट, और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं का उपयोग स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।


दिल का वजन बढ़ने का कारण

इन एथलीटों का दिल इतनी जल्दी काम करना क्यों बंद कर देता है? डेनमार्क में 2025 में हुए एक अध्ययन में एनाबॉलिक स्टेरॉयड का उपयोग करने वाले युवाओं और सामान्य लोगों की तुलना की गई। परिणामों से पता चला कि स्टेरॉयड लेने वालों में दिल की मांसपेशियों के कमजोर होने का खतरा नौ गुना और हार्ट अटैक का जोखिम तीन गुना अधिक होता है। स्टेरॉयड के कारण रक्तचाप तेजी से बढ़ता है और धमनियों में वसा जमा होने लगता है। मृत बॉडीबिल्डरों की पोस्टमार्टम रिपोर्टें और भी डरावनी हैं। अत्यधिक स्टेरॉयड और दबाव के कारण इन एथलीटों का दिल सामान्य से बहुत बड़ा हो जाता है। हाल ही में 26 वर्षीय एक अमेरिकी बॉडीबिल्डर के पोस्टमार्टम में उसके दिल का वजन 833 ग्राम पाया गया, जो सामान्य वयस्क पुरुष के दिल से दोगुना था। शोध बताते हैं कि ऐसे एथलीटों के दिल की मांसपेशियां 125% तक मोटी हो जाती हैं, जिससे दिल को रक्त पंप करने में कठिनाई होती है और अंततः वह काम करना बंद कर देता है।