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बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स के साथ डिनर: शाही नियमों का पालन कैसे करें

क्या आपने कभी सोचा है कि बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स के साथ डिनर करना कैसा होगा? इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कैसे आपको शाही प्रोटोकॉल का पालन करना है। जानें कि डिनर कब समाप्त होता है, कांटा पकड़ने का सही तरीका क्या है, और बातचीत का क्रम कैसे होता है। इसके अलावा, जानें कि बकिंघम पैलेस के मेन्यू में लहसुन का उपयोग क्यों नहीं होता। इन सभी नियमों को जानकर आप शाही डिनर के लिए तैयार हो सकते हैं।
 

शाही डिनर का अनुभव

नई दिल्ली: कल्पना कीजिए कि आपको ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स-III के साथ बकिंघम पैलेस में डिनर का निमंत्रण मिलता है। यह सुनने में एक सपने जैसा लगता है, लेकिन वहां पहुंचने पर असली चुनौती स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेना नहीं, बल्कि शाही प्रोटोकॉल का पालन करना होता है। यदि आप गलत समय पर खाना खाते हैं, कांटा-चाकू को गलत तरीके से पकड़ते हैं या नियमों के खिलाफ बातचीत शुरू करते हैं, तो इसे केवल बदतमीजी नहीं, बल्कि कूटनीतिक शर्मिंदगी भी माना जा सकता है।


डिनर का समापन राजा के संकेत पर

भारत में लोग अपनी प्लेट खत्म करने में समय लेते हैं, लेकिन बकिंघम पैलेस में ऐसा नहीं होता। जैसे ही किंग चार्ल्स अपना चाकू और कांटा प्लेट पर रखते हैं, डिनर समाप्त माना जाता है। चाहे आपकी प्लेट में खाना बचा हो, स्टाफ तुरंत उसे हटा लेता है। यहां आपकी भूख नहीं, बल्कि राजा की प्लेट यह तय करती है कि भोजन कब खत्म होगा।


कांटा पकड़ने का शाही तरीका

ब्रिटिश शाही परिवार में कांटा बाएं हाथ में इस तरह पकड़ा जाता है कि उसके दांत नीचे की ओर रहें। दाएं हाथ में पकड़े चाकू की मदद से खाने को कांटे की पिछली सतह पर टिकाकर मुंह तक लाया जाता है। यहां तक कि मटर जैसे छोटे दाने भी इसी तरीके से खाए जाते हैं।


बातचीत का क्रम

आम दावतों में लोग किसी से भी बातचीत कर लेते हैं, लेकिन शाही भोज में बातचीत का क्रम निश्चित होता है। पहले कोर्स के दौरान राजा अपने दाईं ओर बैठे मुख्य अतिथि से बात करते हैं। अगला कोर्स आने पर वह बाईं ओर बैठे मेहमान से बातचीत करते हैं। अन्य मेहमानों से भी इसी शिष्टाचार का पालन करने की अपेक्षा की जाती है।


गिलास पर निशान छोड़ने का नियम

डिनर के दौरान पानी या अन्य पेय पीते समय, जिस स्थान से गिलास लगाया जाता है, उसी जगह से पूरे समय पीना होता है। इसका उद्देश्य गिलास पर अलग-अलग जगह होंठों के निशान बनने से बचाना है।


नैपकिन का उपयोग

शाही डिनर में कपड़े की नैपकिन को पहले आधा मोड़ा जाता है। मुंह साफ करते समय केवल अंदर वाली तह का उपयोग किया जाता है, ताकि खाने या मेकअप के निशान बाहर दिखाई न दें। भोजन समाप्त होने पर नैपकिन को भी व्यवस्थित तरीके से रखा जाता है।


प्लेट हटाने का संकेत

यदि आपका भोजन पूरा हो गया है, तो वेटर को बुलाने की आवश्यकता नहीं होती। इसके लिए एक तय संकेत है। चाकू और कांटे को प्लेट पर सीधी लाइन में रखा जाता है, जो घड़ी में साढ़े छह बजे की स्थिति जैसा दिखाई देता है। यह स्टाफ के लिए संकेत होता है कि अब प्लेट हटाई जा सकती है।


शाही मेन्यू में लहसुन का अभाव

बकिंघम पैलेस के आधिकारिक भोज में लहसुन का उपयोग नहीं किया जाता। इसका कारण धार्मिक या खानपान संबंधी नहीं, बल्कि शिष्टाचार और कूटनीतिक मुलाकातें हैं। राजा और शाही परिवार के सदस्य भोजन के बाद लंबे समय तक मेहमानों और दुनिया भर के नेताओं से बातचीत करते हैं। ऐसे में सांस की दुर्गंध से बचने के लिए लहसुन को मेन्यू से दूर रखा जाता है।


शाही नियमों का महत्व

ब्रिटिश शाही परिवार के ये नियम भले ही आम लोगों को अजीब लगें, लेकिन बकिंघम पैलेस में इन्हें शिष्टाचार, परंपरा और कूटनीतिक मर्यादा का अहम हिस्सा माना जाता है। इसलिए यदि कभी शाही डिनर का निमंत्रण मिले, तो केवल अच्छे कपड़े पहनना ही काफी नहीं होगा, बल्कि इन नियमों को भी ध्यान में रखना पड़ेगा।