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बक्सर में शिक्षकों पर यौन शोषण के गंभीर आरोप, प्रधानाध्यापक गिरफ्तार

बक्सर जिले में दो शिक्षकों पर नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में स्थानीय ग्रामीणों ने भी हस्तक्षेप किया और शिकायत दर्ज कराई। राजनीतिक नेताओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जांच के निष्कर्ष के बाद ही आरोपों की सच्चाई सामने आएगी।
 

बक्सर में शिक्षकों का शर्मनाक कृत्य

बक्सर: बिहार के बक्सर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें दो शिक्षकों पर नाबालिग छात्राओं के साथ यौन शोषण के आरोप लगे हैं। डुमरांव प्रखंड के एक सरकारी विद्यालय में इन शिक्षकों पर आपत्तिजनक वीडियो बनाने और प्रसारित करने का आरोप है। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि प्रधानाध्यापक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।


आरोपी शिक्षकों की पहचान

इन शिक्षकों की पहचान अरविंद कुमार और वीरेंद्र प्रसाद के रूप में हुई है। उन पर छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार करने, आपत्तिजनक वीडियो साझा करने और ऑडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से धमकी देने के आरोप हैं।


जांच की प्रक्रिया

स्थानीय स्तर पर कुछ वीडियो क्लिप सामने आने के बाद मामला उजागर हुआ, जिसके बाद ग्रामीणों ने दोनों शिक्षकों को पकड़कर पीटा और शिकायत दर्ज कराई। डुमरांव के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने 31 अगस्त को अपनी जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को सौंपी। इसके बाद 2 सितंबर को दोनों शिक्षकों को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।


प्रधानाध्यापक पर आरोप

प्रधानाध्यापक मोहम्मद इमाम अली अंसारी को गिरफ्तार किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने मामले को दबाने और आरोपी शिक्षकों को बचाने की कोशिश की। उल्लेखनीय है कि उन्हें इस वर्ष शिक्षक दिवस पर सम्मानित किया गया था, लेकिन अब प्रशासन ने उनके नाम को पुरस्कार की सूची से हटाने की सिफारिश की है।


राजनीतिक प्रतिक्रिया

JDU नेता श्याम रजक ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, RJD नेता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि 12 छात्राएं शोषण का शिकार हुई हैं और उन्होंने कहा कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए।


जांच का निष्कर्ष

पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस मामले में किसकी क्या भूमिका रही।