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बदरीनाथ धाम में दान में अनियमितताओं की जांच शुरू

उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोपों के चलते जांच शुरू की गई है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जांच समिति का गठन किया है। समिति ने आरोपों से जुड़े कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा है और कहा है कि यदि कोई दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे जांच पूरी होने तक किसी भी भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें।
 

बदरीनाथ धाम में चढ़ावे पर उठे सवाल

नई दिल्ली/उत्तरकाशी: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद अब उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में भी दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे किए जा रहे हैं। आरोपों को गंभीरता से लेते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं।


बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है। आरोपों से जुड़े कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, और यदि जांच में कोई भी कर्मचारी दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर चल रहे उस दावे का खंडन किया, जिसमें एक कर्मचारी को उनका 'निजी सचिव' बताया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति उनका निजी सचिव नहीं, बल्कि बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का नियमित कर्मचारी है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि आरोप सही पाए गए, तो किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि 2 जुलाई से वायरल हो रहे इस मामले की शिकायत मिलने के बाद बदरीनाथ मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। हालांकि फुटेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, फिर भी मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।


उन्होंने कहा कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक आंतरिक जांच टीम का गठन किया जा रहा है।


रांगड़ ने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या चढ़ावे में गड़बड़ी सामने आती है, तो श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 तथा कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत दोषियों के खिलाफ कड़ी विभागीय और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


समिति ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें और आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करें।