बदलापुर में बीएमडब्ल्यू दुर्घटना: जन्मदिन का जश्न बना दुखद घटना
दुखद हादसे में तीन दोस्तों की जिंदगी बदल गई
तीन युवाओं ने एक दोस्त के जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए निकले, लेकिन उनकी रात एक भयानक हादसे में बदल गई। रविवार की सुबह, बदलापुर के निकट अधूरे मुंबई-वडोदरा हाईवे पर एक लग्जरी बीएमडब्ल्यू कार एक गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गई। कार की गति इतनी तेज थी कि टक्कर के बाद उसके टुकड़े-टुकड़े हो गए। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
तेज रफ्तार ने छीनी दो जिंदगियां
पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना रविवार सुबह लगभग दो बजे एरंजाड क्षेत्र में हुई। बीएमडब्ल्यू कार टिटवाला से बदलापुर की दिशा में जा रही थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कार अत्यधिक गति से चल रही थी। अंधेरे में चालक सड़क की स्थिति का सही अनुमान नहीं लगा सका और कार का नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद, कार हाईवे के डिवाइडर से जोरदार टकराई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार कई बार पलटी खाती हुई आगे बढ़ी और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। मृतकों के शरीर के टुकड़े 500 मीटर के दायरे में बिखर गए।
जन्मदिन की शाम का दुखद अंत
इस दुर्घटना में 24 वर्षीय योगेश किशन नेगी और 22 वर्षीय रेबेका बाबू जैकब की जान चली गई। वहीं, 26 वर्षीय अंगद गिल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें कल्याण के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। तीनों दोस्त योगेश का 24वां जन्मदिन मनाने के लिए निकले थे। परिवार और मित्र इस खुशी के मौके की तैयारी कर रहे थे, लेकिन कुछ घंटों बाद मिली हादसे की खबर ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया।
251 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी कार
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो दुर्घटना से पहले कार के अंदर रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो में स्पीडोमीटर 251 किलोमीटर प्रति घंटे की गति दिखा रहा है। हालांकि, पुलिस इस वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि वाहन वास्तव में इतनी तेज गति से चल रहा था, तो चालक के लिए अचानक आने वाली किसी भी परिस्थिति पर नियंत्रण पाना लगभग असंभव था। यही कारण है कि दुर्घटना का प्रभाव इतना विनाशकारी रहा।
अधूरे हाईवे पर पहुंचने की जांच जारी
बदलापुर पश्चिम पुलिस थाने के अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त सड़क का हिस्सा अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ था और इसे आम जनता के लिए आधिकारिक रूप से खोला नहीं गया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि युवक बंद पड़े इस हाईवे तक कैसे पहुंचे और उन्होंने किस स्थान से प्रवेश किया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे के समय वाहन कौन चला रहा था। परिजनों की स्थिति सामान्य होने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके आधार पर आगे की जांच को दिशा मिलेगी.