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बद्रीनाथ चढ़ावे चोरी मामले में एसआईटी की जांच तेज

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी के मामले में एसआईटी ने जांच तेज कर दी है। सीसीटीवी फुटेज जब्त करने के साथ ही, सीईओ और उनके सहायक से पूछताछ की गई है। इस मामले में प्रमोद नौटियाल को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। संदीप खत्री द्वारा उठाए गए आरोपों के बाद यह मामला राजनीतिक बयानबाजी का विषय बन गया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और जांच की प्रगति के बारे में।
 

एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज जब्त किया, सीईओ और पीए से पूछताछ


  • एसआईटी ने जब्त किए सीसीटीवी फुटेज, सीईओ व पीए से पूछताछ
  • सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा में संदिग्ध हरकतें करते दिखे कर्मचारी


Badrinath Offering Row, देहरादून (उत्तराखंड): बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) मंदिर पहुंचा, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह मामला प्रशासनिक और आपराधिक दोनों तरह की जांच का विषय बन गया है।


जांचकर्ताओं ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम में डेरा डाला

जांचकर्ताओं ने मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रंगड़ और उनके निजी सहायक (पीए) अतुल डिमरी से गहन पूछताछ की। उन्होंने सीसीटीवी कंट्रोल रूम में जाकर निगरानी में कमियों की जांच की और यह पता लगाया कि दान को कैसे प्रबंधित किया जाता है।


प्रमोद नौटियाल को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गोपेश्वर की जिला अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन्हें पुरसाड़ी जिला जेल में रखा गया है। जांच में अब अन्य कर्मचारियों की संदिग्ध गतिविधियों का भी पता चला है।


संदीप खत्री ने चोरी का मुद्दा उठाया

बद्रीनाथ में चढ़ावे की चोरी का मामला सबसे पहले भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने उठाया था। उन्होंने मंदिर में दान के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया। इसके बाद, यह मामला राजनीतिक बयानबाजी का विषय बन गया और बीकेटीसी ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया।