बर्ड फ्लू के बीच चिकन और अंडा खाने की सुरक्षा पर विशेषज्ञों की सलाह
पटना में बर्ड फ्लू का खतरा
पटना: हाल ही में बिहार की राजधानी पटना सहित कई स्थानों पर बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लूएंजा भी कहा जाता है, के मामलों की पुष्टि हुई है। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हजारों मुर्गियों को नष्ट किया गया है और प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने चेतावनी जारी की है। ऐसे में आम लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें चिकन और अंडा खाना बंद कर देना चाहिए और क्या इनसे स्वास्थ्य पर कोई खतरा है।
विशेषज्ञों का आश्वासन: अच्छी तरह पका हुआ मांस सुरक्षित है
इस महत्वपूर्ण प्रश्न पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र (सीडीसी) और भारत के खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने स्पष्टता प्रदान की है। इन संस्थाओं का कहना है कि बर्ड फ्लू के डर से चिकन और अंडा खाने से परहेज करने की आवश्यकता नहीं है। यदि पोल्ट्री उत्पादों को सही तरीके से पकाया जाए, तो संक्रमण का कोई खतरा नहीं होता। विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी तरह पका हुआ चिकन और अंडा पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
वायरस का तापमान पर नाश
वैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार, बर्ड फ्लू का वायरस 74 डिग्री सेल्सियस (165 डिग्री फारेनहाइट) या उससे अधिक तापमान पर समाप्त हो जाता है। इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि चिकन को अच्छी तरह से पकाना चाहिए ताकि उसका कोई हिस्सा कच्चा न रहे। अंडे का सेवन करते समय भी यह सुनिश्चित करें कि उसे उबालकर, अच्छी तरह फ्राई करके या पूरी तरह से ऑमलेट बनाकर ही खाएं। अंडे की जर्दी और सफेदी पूरी तरह से पकी हुई होनी चाहिए। हाफ-बॉयल्ड या कच्चा अंडा खाने से बचना चाहिए।
बाजार में सुरक्षित उत्पाद
बाजार में उपलब्ध चिकन और अंडे की सुरक्षा को लेकर लोगों को आश्वस्त किया गया है। सरकारी नियमों के अनुसार, संक्रमित मुर्गियों को तुरंत अलग करके नष्ट किया जाता है, ताकि वे या उनके उत्पाद बाजार में न पहुंच सकें। पशुपालन विभाग और एफएसएसएआई द्वारा इसकी नियमित जांच की जाती है। अब तक ऐसा कोई प्रमाणित मामला नहीं मिला है जिसमें अच्छी तरह पका हुआ चिकन या अंडा खाने से किसी व्यक्ति को बर्ड फ्लू हुआ हो। यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क में आने वाले लोगों में फैलता है।
रसोई में सावधानियां
संक्रमण से बचाव के लिए रसोई में साफ-सफाई का ध्यान रखना आवश्यक है। कच्चा चिकन या अंडा छूने के बाद अपने हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से धोना चाहिए। इसके अलावा, कच्चे मांस के लिए इस्तेमाल होने वाले चाकू, कटिंग बोर्ड और बर्तनों को अन्य चीजों से अलग रखना चाहिए। कच्चे चिकन को सब्जियों या पहले से तैयार किए गए भोजन के पास नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे अन्य खाद्य पदार्थों में संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।