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बलवंत सिंह राजोआना ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर दया याचिका पर त्वरित निर्णय की अपील की

पटियाला सेंट्रल जेल में बंद बलवंत सिंह राजोआना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी दया याचिका पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। उन्होंने 30 वर्षों से जेल में रहने और 20 वर्षों से फांसी की सजा के फैसले का इंतजार करने का उल्लेख किया। राजोआना ने सुरक्षा चिंताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब वह सरकार की हिरासत में हैं, तो निर्णय लेने में देरी क्यों हो रही है।
 

राजोआना की दया याचिका पर पत्र

पटियाला: पटियाला सेंट्रल जेल में बंद बलवंत सिंह राजोआना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजकर अपनी दया याचिका पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। राजोआना ने पत्र में उल्लेख किया कि वह पिछले 30 वर्षों से जेल में हैं और लगभग 20 वर्षों से फांसी की सजा के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहें तो उनकी फांसी की सजा को बनाए रख सकती है, लेकिन इस मामले में अब और देरी नहीं होनी चाहिए।


राजोआना ने बताया कि वह 31 वर्षों से जेल में हैं और लंबे समय से मौत की सजा पर अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अदालत में कभी भी अपने कार्य को छिपाया नहीं और मौत की सजा को भी स्वीकार किया। पत्र में 2012 के मामले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब अदालत ने डेथ वारंट जारी किया था, तब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की थी। उनके अनुसार, इस मामले पर गृह मंत्रालय ने रोक लगा दी थी। राजोआना ने यह भी सवाल उठाया कि जब एक व्यक्ति आपकी हिरासत में है और उसकी हर गतिविधि की जानकारी आपके पास है, तो फिर भी यह कहा जा रहा है कि निर्णय लेने से सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। क्या एक न्यूक्लियर पावर वाले देश की सुरक्षा इतनी कमजोर है कि एक निर्णय से वह खतरे में पड़ जाएगी?