बसपा ने 2027 के यूपी चुनाव के लिए ब्राह्मण उम्मीदवारों की घोषणा की
लखनऊ में ब्राह्मणों की बढ़ती भूमिका
लखनऊ। यूजीसी मुद्दे के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के संदर्भ में ब्राह्मण समुदाय की राजनीतिक भागीदारी में अचानक वृद्धि हुई है। इस बदलाव को देखते हुए राजनीतिक दल, विशेषकर विपक्षी दल, इस समुदाय को अपने पक्ष में लाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उनके निर्देश पर पार्टी के पदाधिकारियों ने इस योजना पर कार्य करना शुरू कर दिया है। बसपा ने तय किया है कि वह 40 से 50 सीटों पर ब्राह्मण उम्मीदवारों को उतारेगी, जिसमें जालौन के माधौगढ़ सीट से इसकी शुरुआत हो चुकी है।
उम्मीदवारों का चयन प्रक्रिया
हर विधानसभा क्षेत्र के लिए चार संभावित उम्मीदवारों का पैनल तैयार किया जा रहा है, जिन्हें विभिन्न मानकों पर परखा जाएगा। इनमें से एक को पहले क्षेत्र का प्रभारी और फिर उम्मीदवार घोषित किया जाएगा। प्रभारी बनने के बाद, बसपा उस क्षेत्र में एक बड़ा सम्मेलन आयोजित करेगी। कानपुर मंडल में 27 विधानसभा सीटें हैं, लेकिन वर्तमान में बसपा के पास यहां कोई विधायक नहीं है।
कानपुर मंडल में प्रभारियों की घोषणा
होली के बाद कानपुर मंडल की 10 सीटों पर प्रभारियों की घोषणा की जाएगी। प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से केवल बलिया की रसड़ा सीट पर बसपा का एक विधायक है। कानपुर मंडल में करीब 10 सीटों पर प्रभारियों की घोषणा की संभावना है। बसपा इस बार अधिकतर सीटों पर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है, इसलिए संगठन में फेरबदल किया गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता नौशाद अली को कानपुर मंडल के साथ-साथ आगरा, मेरठ और लखनऊ मंडल का प्रमुख बनाया गया है।
मायावती और नौशाद अली की बैठक
मंगलवार को, संगठन और आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ में मायावती और नौशाद अली के बीच लखनऊ में लंबी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही कानपुर मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। संभावना है कि होली के तुरंत बाद कई विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की घोषणा की जाएगी।
ब्राह्मण, मुस्लिम और दलित गठजोड़
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए, बसपा ने संगठन और उम्मीदवारों के चयन का एक नया पैमाना तैयार किया है। पार्टी ने ब्राह्मणों को चुनावी मैदान में और मुस्लिमों को संगठन के माध्यम से जोड़ने की योजना बनाई है। इसके लिए पार्टी अपने कैडर वोट को भी साथ लेकर चलने की योजना बना रही है।
माधोगढ़ सीट पर ब्राह्मण उम्मीदवार की घोषणा
यूजीसी लागू होने के बाद, उत्तर प्रदेश में सवर्णों, विशेषकर ब्राह्मणों के प्रति राजनीतिक रुचि बढ़ गई है। इस संदर्भ में, बसपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं। मायावती ने जालौन के माधोगढ़ सीट के लिए आशीष पांडेय को प्रभारी घोषित किया है। होली के बाद कानपुर मंडल की पांच और विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की घोषणा की जाएगी।
कानपुर मंडल में ब्राह्मण और सवर्ण उम्मीदवारों की तैयारी
बसपा प्रमुख ने यूजीसी के फैसले के बाद सवर्णों के प्रति अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। कानपुर मंडल की 27 विधानसभा सीटों में, पार्टी अधिकांश सीटों पर ब्राह्मण और सवर्ण उम्मीदवारों को उतारने की योजना बना रही है। बसपा जिन सीटों पर प्रभारी बनाती है, चुनाव की तिथियों की घोषणा से पहले उन्हीं को उम्मीदवार घोषित करती है। पार्टी के लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ मंडल के प्रमुख नौशाद अली ने बताया कि ब्राह्मणों के प्रति बसपा का दृष्टिकोण स्पष्ट है। जल्द ही और सीटों पर प्रभारियों की घोषणा की जाएगी।