बांग्लादेश का भारत से गेहूं आयात: पश्चिम एशिया संकट का प्रभाव
पश्चिम एशिया संकट और सप्लाई चेन में बाधा
होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट से बांग्लादेश में गेहूं की कमी
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित हो गया है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में हजारों जहाज फंसे हुए हैं, जिससे आवश्यक वस्तुओं की कमी हो रही है। बांग्लादेश, जो भारत का पड़ोसी देश है, इस संकट से प्रभावित हुआ है और वहां गेहूं की कमी हो रही है। इस स्थिति के कारण, बांग्लादेश अब भारत से गेहूं खरीदने की योजना बना रहा है।
बांग्लादेश की गेहूं की जरूरतें
बांग्लादेश अपनी कुल गेहूं की जरूरत का लगभग 80 प्रतिशत आयात करता है। यह देश रूस, कनाडा, यूक्रेन और अमेरिका जैसे देशों से गेहूं लाता है। लेकिन अब, बांग्लादेश भारत से गेहूं खरीदने की योजना बना रहा है। एक सूत्र के अनुसार, बांग्लादेश घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत से गेहूं खरीदने की इच्छुक है। व्यापारियों को उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच, बांग्लादेश बड़ी मात्रा में गेहूं का आयात करेगा।
भारत का गेहूं उत्पादन
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है, जो वैश्विक उत्पादन का लगभग 14 प्रतिशत करता है। चीन इस क्षेत्र में पहले स्थान पर है, जो 17 प्रतिशत उत्पादन करता है। भारत ने हाल ही में निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया है, जिससे 25 लाख टन अनाज और 5 लाख टन गेहूं-आधारित उत्पादों के निर्यात की अनुमति मिली है। बांग्लादेश ने पिछले वर्ष की तुलना में 57 प्रतिशत अधिक गेहूं आयात किया था।