बांग्लादेश में राजनीतिक संकट: शेख हसीना की वापसी और भारत के साथ तनाव
शेख हसीना का अपदस्थ होना
5 अगस्त 2024 को छात्र आंदोलन के दौरान बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को न केवल पद से हटाया गया, बल्कि उन्हें देश छोड़ने के लिए भी मजबूर किया गया। पिछले दो वर्षों से, हसीना भारत में एक गुप्त स्थान पर शरण ले रही हैं। बांग्लादेश ने बार-बार उनकी वापसी की मांग की है और प्रत्यर्पण के लिए भी आवाज उठाई है.
भारत-बांग्लादेश के बीच तनाव
जब शेख हसीना ने 5 अगस्त को अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की, तो यह भारत और बांग्लादेश के बीच नए तनाव का कारण बन गया। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत से अनुरोध किया था कि प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित न की जाए, लेकिन भारत ने इसे एक निजी मीडिया कार्यक्रम बताया, जिसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं था.
भविष्य की चुनौतियाँ
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम दोनों देशों के संबंधों को और भी खराब कर सकता है। सबसे बड़ी चुनौती दिसंबर में होगी, जब हसीना ढाका लौटेंगी। उनके लौटने पर राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है, जिससे बांग्लादेश में हिंसा की संभावना है.
भारत की पहल
17 फरवरी 2025 को तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बने। उनकी मां खालिदा जिया के निधन पर भारत ने शोक व्यक्त किया और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को ढाका भेजा। हालांकि, बांग्लादेश और भारत के रिश्ते फिर से उसी स्थिति में पहुंच गए हैं, जहां मोहम्मद यूनुस की सरकार ने छोड़ा था.
हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस का प्रभाव
तारिक रहमान ने अपने चुनावी अभियान में कहा था कि उनकी विदेश नीति किसी एक देश के प्रति झुकी नहीं होगी। हालाँकि, हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने फिर से तनाव को बढ़ा दिया है।
भारत की चिंताएँ
तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शामिल हुए थे। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने नई दिल्ली का दौरा किया, लेकिन तारिक ने अपनी पहली यात्रा के लिए मलेशिया और चीन को चुना। यह भारत के प्रति उनकी अनदेखी के रूप में देखा गया.
बांग्लादेश में हिंसा
हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बांग्लादेश में कई स्थानों पर हिंसा भड़की। ढाका में हसीना का पुतला जलाया गया और क्रिकेटर शाकिब अल हसन के घर पर हमला हुआ। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
भारत के सामने चुनौतियाँ
हसीना की वापसी से भारत के साथ बांग्लादेश के रिश्ते बिगड़ सकते हैं। इसके अलावा, बांग्लादेश तुर्की और पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को मजबूत कर रहा है, जिससे भारत के लिए चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं.
बांग्लादेश का आरोप
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हसीना और उनके समर्थकों को बांग्लादेश की राजनीति में कोई स्थान नहीं मिलेगा। भारत पर आरोप लगाया गया कि उसने हसीना को शरण देकर बांग्लादेश की संप्रभुता का उल्लंघन किया है.
भारत की स्थिति
भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार का इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं है।
आगे की स्थिति
जमात-ए-इस्लामी ने भारत पर राजनयिक मानदंडों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। बांग्लादेश के गृह मंत्री ने भी हसीना पर अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत और बांग्लादेश के रिश्तों की अग्निपरीक्षा अभी बाकी है.