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बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा की घटनाएं

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में, एक हिंदू परिवार के घर पर इस्लामिक कट्टरपंथियों ने हमला कर उसे आग के हवाले कर दिया। मानवाधिकार संगठनों ने इस बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई है, जिसमें पिछले कुछ महीनों में 100 से अधिक अल्पसंख्यकों की मौत हो चुकी है। ब्रिटेन की सांसद प्रीति पटेल ने भी इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है।
 

बांग्लादेश में हिंदू परिवार पर हमला

ढाका: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में, एक बार फिर से एक हिंदू परिवार को निशाना बनाया गया है। यह घटना सिलहट जिले के गोवाईघाट थाना क्षेत्र के नंदिरगांव संघ के बहोर गांव में हुई, जहां इस्लामिक कट्टरपंथियों ने एक हिंदू परिवार के घर पर हमला कर दिया और उसे आग के हवाले कर दिया।


जानकारी के अनुसार, कट्टरपंथियों ने बीरेंद्र कुमार डे के निवास को निशाना बनाते हुए आगजनी की। आग इतनी भयंकर थी कि कुछ ही समय में पूरे घर में फैल गई। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें परिवार के सदस्य जान बचाने के लिए घर से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे हैं। आग लगने से घर पूरी तरह से जलकर खाक हो गया।


ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज (HRCBM) ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन के अनुसार, पिछले सात महीनों में 100 से अधिक अल्पसंख्यकों की मौत की घटनाओं का दस्तावेजीकरण किया गया है।


HRCBM का कहना है कि ये घटनाएं केवल छिटपुट मामले नहीं हैं, बल्कि अल्पसंख्यकों को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाने का एक व्यापक पैटर्न है। रिपोर्ट के अनुसार, 6 जून 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच बांग्लादेश के सभी आठ डिवीजनों और कम से कम 45 जिलों में 116 अल्पसंख्यकों की मौत हुई है, जिसमें लिंचिंग, सुनियोजित हत्याएं और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतें शामिल हैं।


ब्रिटेन की सांसद प्रीति पटेल ने उठाया मुद्दा
इससे पहले, ब्रिटेन की सांसद और विदेश, कॉमनवेल्थ व विकास मामलों की शैडो सेक्रेटरी ऑफ स्टेट प्रीति पटेल ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने ब्रिटेन सरकार से अपील की थी कि वह अपने कूटनीतिक प्रभाव का उपयोग कर बांग्लादेश में स्थिरता सुनिश्चित करे, ताकि धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा हो सके और हिंदू समुदाय को सुरक्षा का अनुभव हो।