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बिजनौर में कमलनाथ के पिता की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों से कब्जे की कोशिश, दो गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के दिवंगत पिता महेंद्रनाथ की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जे की कोशिश की गई है। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला तब सामने आया जब कमलनाथ ने अपनी संपत्ति के अधिकार के लिए आवेदन किया। जांच में फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
 

कमलनाथ के पिता की जमीन पर फर्जीवाड़ा


बिजनौर भूमि विवाद समाचार: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के दिवंगत पिता महेंद्रनाथ की भूमि को फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से हड़पने का प्रयास किया गया है। नजीबाबाद थाना क्षेत्र के अमीखानपुर गांव में लगभग 26 बीघा कृषि भूमि पर दावा करने के लिए नकली वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार करने का आरोप है। कमलनाथ की शिकायत पर पुलिस ने चार व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और धर्मपाल सिंह तथा विजय शंकर पांडेय को गिरफ्तार किया गया है।


पुलिस के अनुसार, कमलनाथ ने 30 सितंबर को नजीबाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बिजनौर के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के अनुसार, शिकायत में कहा गया है कि महेंद्रनाथ की अमीखानपुर में स्थित भूमि पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मालिकाना हक जताने का प्रयास किया गया। महेंद्रनाथ के नाम पर अमीखानपुर में लगभग 90 बीघा कृषि भूमि है, जिसमें से 26 बीघा भूमि विवादित है। संबंधित भूमि का उल्लेख गाटा संख्या 429 और लगभग 2.1560 हेक्टेयर के रूप में किया गया है।


यह मामला तब उजागर हुआ जब कमलनाथ ने 18 मई 2026 को नजीबाबाद तहसीलदार की अदालत में उत्तराधिकार के आधार पर भूमि अपने नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया। इसी प्रक्रिया में लेखपाल की रिपोर्ट के माध्यम से भूमि के एक हिस्से के विवादित होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद वसीयत और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी पक्ष ने महेंद्रनाथ के नाम की एक कूटरचित वसीयत पेश की, जो पंजीकृत नहीं थी।


मामले में फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आया है। कमलनाथ की शिकायत के अनुसार, उनके पिता महेंद्रनाथ का निधन 7 सितंबर 2004 को दिल्ली में हुआ था, जबकि मृत्यु प्रमाणपत्र में उनकी मृत्यु की तारीख 10 अप्रैल 2003 दर्ज की गई है। पुलिस अब इस दस्तावेज को तैयार करने और उपयोग करने से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। कमलनाथ की शिकायत के आधार पर पुलिस ने धर्मपाल सिंह, जसबिंदर सिंह ढिल्लो, विजय शंकर पांडेय और हल्का लेखपाल डेविड कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है।


पुलिस ने कार्रवाई करते हुए धर्मपाल सिंह, जो महावतपुर बिल्लौच का निवासी है, और विजय शंकर पांडेय, जो मूल रूप से देवरिया का निवासी है और वर्तमान में नजीबाबाद में रह रहा है, को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र का उपयोग भूमि पर दावा मजबूत करने के लिए किया गया। इस कारण से जांच में यह भी देखा जा रहा है कि दस्तावेज किसने तैयार किए और उन्हें राजस्व रिकॉर्ड में कैसे इस्तेमाल किया गया।