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बिहार के प्रणव की प्रेरणादायक कहानी: NEET में पांच असफलताओं के बाद मिली सफलता

प्रणव की प्रेरणादायक कहानी उन छात्रों के लिए है जो बार-बार असफलताओं का सामना कर रहे हैं। बिहार के पूर्णिया निवासी प्रणव ने NEET परीक्षा में लगातार पांच बार असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी। उन्होंने छठे प्रयास में सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश प्राप्त किया। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और सही रणनीति से असंभव लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। जानें कैसे उन्होंने अपनी असफलताओं को सफलता में बदला।
 

नई दिल्ली में प्रणव की सफलता की कहानी

नई दिल्ली: प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार असफलता अक्सर छात्रों के आत्मविश्वास को कमजोर कर देती है। कई छात्र अपने सपनों को छोड़ देते हैं, लेकिन बिहार के पूर्णिया के निवासी प्रणव ने यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से असंभव लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है। नीट (NEET) परीक्षा में लगातार पांच बार असफल रहने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और छठे प्रयास में सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश प्राप्त किया।


साधारण परिवार से संघर्ष की शुरुआत

प्रणव एक साधारण परिवार से हैं। उनके पिता कूरियर बॉय के रूप में काम करते थे, जबकि उनकी मां एक स्कूल शिक्षिका हैं। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद, उनके माता-पिता ने उनकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। प्रणव के अनुसार, डॉक्टर बनने का सपना उनकी मां का अधूरा सपना था, जिसे पूरा करने की प्रेरणा उन्हें हमेशा मिलती रही।


पांच प्रयासों में निराशा का सामना

प्रणव ने पहली बार 2018 में नीट परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद 2019 में 466 और 2020 में 530 अंक प्राप्त किए, फिर भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल सका। 2021 में परीक्षा के दौरान घबराहट ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया। वहीं, 2022 में कोविड-19 के कारण पढ़ाई प्रभावित हुई और ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण उनका स्कोर 557 तक ही पहुंच पाया, जो सरकारी सीट के लिए अपर्याप्त था।


बीएमएस में दाखिला और दोस्तों का समर्थन

लगातार असफलताओं के बाद, प्रणव ने नीट की तैयारी छोड़कर बीएमएस (BMS) कोर्स में दाखिला लिया। हालांकि, उनके दोस्तों ने उनकी क्षमता पर विश्वास बनाए रखा और दोबारा प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद प्रणव ने अपनी तैयारी की रणनीति को पूरी तरह बदल दिया।


नई रणनीति और सफलता की प्राप्ति

नीट 2023 की परीक्षा में प्रणव ने घबराहट पर नियंत्रण रखते हुए शांत मन से प्रश्नपत्र हल किया। उन्होंने समय का बेहतर प्रबंधन किया और सटीक तैयारी के दम पर अच्छा स्कोर हासिल किया। इसके परिणामस्वरूप उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल गया।


अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणादायक संदेश

प्रणव का कहना है कि उनकी पांच असफलताएं व्यर्थ नहीं गईं, बल्कि उन्हीं से उन्होंने सबसे अधिक सीखा। उनका मानना है कि कम अंक आने पर हार मानने के बजाय अपनी गलतियों की पहचान कर उन्हें सुधारना ही सफलता की कुंजी है। वे सभी नीट अभ्यर्थियों से निरंतर अभ्यास, आत्मविश्लेषण और धैर्य बनाए रखने की अपील करते हैं।


प्रणव की कहानी: एक प्रेरणा

प्रणव की सफलता की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो बार-बार की असफलताओं के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।