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बिहार के मुख्यमंत्री ने पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए वाहनों की संख्या कम करने का किया आग्रह

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है। उन्होंने राज्य की जनता से सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने और सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने का आग्रह किया है। जानें इस पहल के पीछे का उद्देश्य और मुख्यमंत्री के अन्य सुझाव।
 

पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए कदम

पेट्रोल और डीजल की बचत : हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के मद्देनजर देशवासियों से पेट्रोल और डीजल के उपयोग को कम करने की अपील की थी। इसके बाद, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या घटाने का निर्णय लिया है। इसी संदर्भ में, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करने की बात कही है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को एक पोस्ट में लिखा, 'आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने डीजल और पेट्रोल की बचत के लिए वाहनों के न्यूनतम उपयोग की अपील की है। इस दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का निर्णय लिया गया है। सभी माननीय मंत्री, निगम बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्य, सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना अतिरिक्त वाहन के सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हों।'

बिहार के मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'राज्य की जनता से मेट्रो, बस, ऑटो या अन्य सार्वजनिक परिवहन के उपयोग पर जोर देने का अनुरोध किया गया है। राज्य सरकार के सभी विभागों को सभी प्रकार की कॉन्फ्रेंस या सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। सरकारी दफ्तरों में कैंटीन में पाम ऑयल के उपयोग को कम करने का निर्देश दिया गया है। सरकारी और निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। सभी से सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' मनाने का आग्रह किया गया है।'