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बिहार में अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो भारतीय नागरिकों की निजी जानकारियों को विदेशी अपराधियों को बेच रहा था। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ उत्तर प्रदेश और बिहार के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि ये लोग फर्जी एपीआई और तकनीकी उपकरणों का उपयोग कर लोगों की गोपनीयता का उल्लंघन कर रहे थे। जांच में कई संदिग्ध टेलीग्राम ग्रुप और चैनल भी सामने आए हैं।
 

मुजफ्फरपुर में साइबर अपराध का खुलासा

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो भारतीय नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारियों को विदेशी अपराधियों को बेच रहा था। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ उत्तर प्रदेश और बिहार के निवासी हैं।


पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। आरोप है कि ये लोग अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों, फर्जी एपीआई और टेलीग्राम बॉट्स का उपयोग करके लोगों की गोपनीयता का उल्लंघन करते थे और उनकी निजी जानकारियों को साझा करते थे।


मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि अहियापुर थाना क्षेत्र का ऋषभ कुमार अवैध तरीके से एपीआई बनाकर डेटा बेच रहा है। इस सूचना के आधार पर एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें बिहार एसटीएफ, जिला आसूचना इकाई और साइबर थाना की तकनीकी टीम शामिल थी।


पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऋषभ कुमार को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर तीन अन्य सहयोगियों को भी पकड़ा। गिरफ्तार किए गए लोगों में ऋषभ कुमार के अलावा गाजीपुर (यूपी) का दीपक चौधरी उर्फ आशु कुमार, दरभंगा का सुधांशु कुमार और मुजफ्फरपुर के हथौड़ी का साहिल कुमार शामिल हैं।


एसएसपी मिश्रा ने बताया कि जांच में पता चला है कि ये लोग फर्जी सिम कार्ड और टेलीग्राम बॉट्स का इस्तेमाल करते थे। आरोपी अवैध रूप से एपीआई तैयार करते थे, जिससे वे सरकारी और निजी डेटाबेस तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त करते थे। उनके पास से बरामद मोबाइल और आईपैड की जांच में यह पाया गया कि ये गिरोह लोगों के मोबाइल नंबर, आईएमईआई डिटेल्स, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वाहनों के रजिस्ट्रेशन और बैंक खातों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों को भेजते थे।


आरोपियों के फोन में विदेशी साइबर गिरोहों के साथ हुई बातचीत के सबूत मिले हैं। जांच में कई संदिग्ध टेलीग्राम ग्रुप और चैनल भी संचालित होने का पता चला है। इसके अलावा, मुख्य आरोपी ऋषभ कुमार के बैंक खातों में मौजूद लगभग चार लाख रुपए को फ्रीज कर दिया गया है। पुलिस ने कहा कि मामले की और जांच जारी है।