बिहार में गरीब परिवारों के खातों में अरबों का बैलेंस, तकनीकी गलती का खुलासा
बिहार में चौंकाने वाला मामला
पटना। बिहार के विभिन्न जिलों से एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जिसमें गरीब परिवारों के बैंक खातों में अचानक अरबों रुपये का बैलेंस दिखाई देने लगा। जब ये लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) की राशि निकालने गए, तो उनके खातों में 7.40 अरब से लेकर 7.59 अरब रुपये तक की राशि दिखी, जिससे वे और उनके परिवार पूरी तरह से चकित रह गए।
अलग-अलग जिलों में घटनाएं
गया: मानपुर के एक राजमिस्त्री निरंजन रविदास और डेल्हा क्षेत्र के ई-रिक्शा चालक शिव कुमार पटेल जब अपनी पेंशन निकालने ग्राहक सेवा केंद्र पहुंचे, तो उनके खातों में 7 अरब 59 करोड़ रुपये से अधिक का बैलेंस दिखा।
मुजफ्फरपुर: थतिया सीहो गांव के कवि कामेश्वर मिश्र और उनके दिव्यांग बेटे के खातों में मिलाकर लगभग 15 अरब रुपये का बैलेंस दिखाई दिया, जिससे वे दोनों हैरान रह गए।
नवादा और समस्तीपुर: नवादा की विधवा रेखा देवी और समस्तीपुर के 80 वर्षीय भरत ईश्वर के खातों में भी लगभग 740 करोड़ रुपये की राशि दिखी, जिससे रेखा देवी की तबीयत बिगड़ गई।
इस अरबपति बनने की असली वजह
यह खबर तेजी से फैल गई, जिससे बैंक अधिकारियों और प्रशासन में हड़कंप मच गया। जांच के बाद, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और अन्य संबंधित बैंकों के अधिकारियों ने इस घटना का कारण बताया।
बैंकिंग प्रणाली में तकनीकी खराबी
बैंक अधिकारियों के अनुसार, यह घटना एक तकनीकी त्रुटि या सर्वर/सॉफ्टवेयर की खराबी के कारण हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन खाताधारकों के असली रिकॉर्ड में कोई बड़ी राशि ट्रांसफर नहीं हुई थी। उनका वास्तविक बैलेंस पहले की तरह सामान्य था। यह त्रुटि केवल ग्राहक सेवा केंद्रों पर बैलेंस प्रिंट या डिस्प्ले के दौरान हुई।
प्रशासन की अपील
बैंक प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घबराने की अपील की है। सुरक्षा के लिए इन खातों से संदिग्ध लेनदेन को रोकने के लिए अस्थाई कदम उठाए गए हैं।