बिहार में नीट परीक्षा में फर्जीवाड़ा: 9 गिरफ्तार, अखिलेश यादव का आरोप
नीट परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा
नई दिल्ली। बिहार के लखीसराय में नीट (यूजी) परीक्षा के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस मामले में तीन परीक्षा केंद्रों से नौ नकली परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही, बायोमीट्रिक एजेंसी के सात कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है। प्रशासन ने अंतर-राज्यीय सॉल्वर गैंग की संलिप्तता की आशंका के चलते जांच जारी रखी है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पोस्ट पर लिखा कि NEET री-एग्जाम में बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है, जिसमें कई डॉक्टर और मेडिकल छात्र नकली कैंडिडेट बनकर आए थे। उन्होंने इस मामले में 9 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी।
अब तो इस्तीफ़ा दे दो!
NEET की परीक्षा में फिर से धोखाधड़ी बताती है कि भाजपाई गैंग इस बार किसी और के लिए पेपर सॉल्व करने का मुखौटा लगाकर आई, क्योंकि नीचे-से-ऊपर तक सब मिले थे, इसीलिए बायोमेट्रिक की जाँच में भी घपला किया गया। ये तो एक जगह है जहाँ बात खुल गई, बाक़ी न जाने और कितनी… pic.twitter.com/NqqqKG7tHN
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 22, 2026
अखिलेश यादव ने स्पष्ट रूप से केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओर इशारा करते हुए कहा कि NEET परीक्षा में धोखाधड़ी का यह मामला दर्शाता है कि भाजपा के लोग इस बार किसी और के लिए पेपर सॉल्व करने का मुखौटा बनाकर आए थे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक जगह का मामला है, जबकि अन्य केंद्रों पर भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के साथ हो रहा यह धोखा तभी समाप्त होगा जब भाजपा के खिलाफ सभी छात्र, उनके माता-पिता और परिवार एकजुट होंगे। यादव ने भाजपा को अपराध और नाउम्मीदगी का प्रतीक बताया और कहा कि यह सरकार वोट की लूट से लेकर पेपर धांधली तक पहुंच गई है।