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बिहार में बम धमकी से हड़कंप: पटना और अन्य कोर्ट खाली कराए गए

बिहार में पटना और अन्य जिलों के सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोर्ट परिसरों को खाली कर दिया है। धमकी ईमेल के माध्यम से भेजी गई थी, जिसमें आरडीएक्स और आईईडी लगाने का दावा किया गया। पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचकर तलाशी ले रहे हैं। इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है और साइबर सेल द्वारा जांच की जा रही है।
 

बिहार की न्याय व्यवस्था में खलबली

पटना: बिहार की न्यायिक प्रणाली और सुरक्षा बलों में उस समय हड़कंप मच गया जब राजधानी पटना सहित राज्य के विभिन्न जिलों के सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा ईमेल के माध्यम से भेजी गई थी, जिसमें कोर्ट परिसरों में आरडीएक्स (RDX) और आईईडी (IED) लगाने का दावा किया गया था। धमकी मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पटना, दानापुर, गया और किशनगंज के कोर्ट परिसरों को खाली करवा लिया।


पटना के सिविल कोर्ट में बम की सूचना मिलते ही वहां अफरातफरी का माहौल बन गया। जिला जज ने तुरंत एक आदेश जारी करते हुए डीबीए के सभी सदस्यों, वकीलों और वादी-प्रतिवादियों को कोर्ट परिसर खाली करने का निर्देश दिया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि ईमेल के माध्यम से तीन आरडीएक्स-आईईडी के जरिए कोर्ट को उड़ाने की धमकी दी गई है। सूचना मिलते ही पीरबहोर थाने की पुलिस और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंच गई और हर कोने की तलाशी ली जा रही है। इसी तरह दानापुर व्यवहार न्यायालय को भी खाली कराया गया, जिससे अदालती कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।


गया सिविल कोर्ट और किशनगंज सिविल कोर्ट को भी इसी प्रकार की धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए हैं। गया में जिला जज के सरकारी मेल पर धमकी मिलने के बाद डीएम और एसएसपी खुद मौके पर पहुंचे और सुरक्षा का जायजा लिया। वहां भी पूरा परिसर खाली कराकर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।


किशनगंज में पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एसपी सागर कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह धमकी भरा ईमेल तमिलनाडु से भेजा गया प्रतीत हो रहा है। पुलिस की विशेष टीमें कोर्ट भवन के हर कोने की बारीकी से तलाशी ले रही हैं और सुरक्षा बढ़ा दी गई है, हालांकि अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। राज्य के कई प्रमुख न्यायालयों को एक साथ निशाना बनाने की इस घटना को पुलिस गंभीरता से ले रही है और साइबर सेल की मदद से ईमेल भेजने वाले का पता लगाया जा रहा है।