बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर, राहत कार्य जारी
बिहार में बाढ़ का संकट
पटना/नई दिल्ली। बिहार में बाढ़ की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। राज्य की प्रमुख नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं, जिससे 14 जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस आपदा से 44 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, और राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावितों के लिए 500 से अधिक सामुदायिक रसोईघर स्थापित किए गए हैं, जहां भोजन तैयार किया जा रहा है।
बाढ़ से प्रभावित जिलों में 5000 से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए गए हैं। गंगा, कोसी और गंडक जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिससे कई श्मशान घाट भी जलमग्न हो गए हैं, जिससे अंतिम संस्कार में कठिनाई हो रही है। उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे 26 जिलों में चार लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बरेली से लेकर बाराबंकी तक बाढ़ के पानी ने कई घरों को डुबो दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं और अगले तीन दिनों में तेज बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि, राजस्थान में 11 सितंबर से बारिश की शुरुआत होने की उम्मीद है। गुजरात में भी 12 सितंबर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, विशेषकर वडोदरा और दक्षिण गुजरात के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। नवसारी, वलसाड और डांग में 13 सितंबर से भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है।