बिहार में भाजपा सरकार की स्थिति: चर्चा और विवाद
भाजपा की सरकार का दो महीना
बिहार में भाजपा की सरकार को दो महीने होने वाले हैं। इससे पहले, नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार थी। वर्तमान में भी एनडीए की सरकार है, लेकिन जनता दल यू के नेताओं की आवाज कहीं सुनाई नहीं दे रही है। अब केवल भाजपा के नेता ही सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री और मंत्री भाजपा के ही हैं, जो काम करते, बयान देते और उद्घाटन करते नजर आते हैं। जनता दल यू के मंत्रियों के बारे में केवल नकारात्मक खबरें आ रही हैं। हाल ही में उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी पर आरोप लगा है कि उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक एक्सप्रेसवे के रास्ते को बदलवाने के लिए दबाव डाला, ताकि उनके रिश्तेदार की जमीन बच सके। इस मामले की शिकायत नितिन गडकरी तक पहुंची और एक प्रमुख अंग्रेजी समाचार पत्र में इस पर रिपोर्ट भी प्रकाशित हुई।
भाजपा के मंत्रियों की बड़ी बातें
भाजपा के मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने कई महत्वपूर्ण बयान दिए हैं। पूर्व उप मुख्यमंत्री और वर्तमान कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा है कि भाजपा की सरकार बिहार के लोगों को इतना स्वस्थ बनाएगी कि अस्पतालों की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। उनका दावा है कि अस्पताल बंद होने लगेंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस तरह की कोई बात नहीं कही, लेकिन उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को इस तरह से सुधारेंगे कि सभी कोचिंग संस्थान बंद हो जाएंगे और केवल सरकारी स्कूल ही चलेंगे। यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन असंभव नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने गयाजी की फल्गू नदी को सीताजी के श्राप से मुक्त करने और वहां पानी पहुंचाने की योजना का भी उल्लेख किया।