बिहार में हेली टूरिज्म: पटना की जॉयराइड सिर्फ 2100 रुपये में
बिहार हेली टूरिज्म की नई पहल
बिहार सरकार ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नई योजनाओं की शुरुआत की है। हाल ही में, हेली-टूरिज्म की योजना का ऐलान किया गया है, जिसके तहत पर्यटक हेलीकॉप्टर से पटना का दृश्य देख सकेंगे। इस जॉयराइड की कीमत मात्र 2100 रुपये प्रति व्यक्ति रखी गई है। यह योजना बिहार के पर्यटन स्थलों को हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करने और यात्रियों को एक नया अनुभव देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। बिहार ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण राज्य है, और हेली-टूरिज्म के माध्यम से प्रमुख स्थलों को बढ़ावा देने की योजना है।
बिहार हेली-टूरिज्म योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एंड एयर टूरिज्म सर्विस स्कीम 2026 के तहत इस योजना की शुरुआत की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच को सरल बनाना है। पहले चरण में पटना को राजगीर, कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर और वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व जैसे प्रमुख स्थलों से जोड़ा गया है। सरकार का मानना है कि हेलीकॉप्टर सेवा से पर्यटकों का समय बचेगा और उन स्थलों को बढ़ावा मिलेगा, जहां सड़क मार्ग से पहुंचने में अधिक समय लगता है।
पटना हेलीकॉप्टर जॉयराइड की विशेषताएँ
पटना के ऊपर हेलीकॉप्टर से घूमने वाली यह जॉयराइड विशेष रूप से वीकेंड टूरिस्ट अनुभव के लिए शुरू की गई है। इसमें लोग कुछ मिनटों के लिए आसमान से पटना के प्रमुख हिस्सों का नजारा देख सकेंगे। इस जॉयराइड की कीमत केवल 2100 रुपये प्रति सीट है। यह सेवा शनिवार और रविवार को संचालित की जाएगी, और एक उड़ान में सीमित यात्रियों को ही मौका दिया जाएगा। यह उन लोगों के लिए खास आकर्षण होगी, जो पहली बार हेलीकॉप्टर उड़ान का अनुभव लेना चाहते हैं।
अन्य पर्यटन स्थलों के लिए किराया
पटना जॉयराइड: 2100 रुपये प्रति व्यक्ति
पटना से राजगीर: 4000 रुपये प्रति व्यक्ति
पटना से वाल्मीकिनगर: 5000 रुपये प्रति व्यक्ति
पटना से कैमूर (मां मुंडेश्वरी मंदिर): 6000 रुपये प्रति व्यक्ति
लाभान्वित पर्यटन स्थल
बिहार ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण है। हेली-टूरिज्म के माध्यम से प्रमुख स्थानों को बढ़ावा देने की योजना है। राजगीर बौद्ध और जैन धर्म से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों के लिए जाना जाता है। यहां विश्व शांति स्तूप, प्राचीन अवशेष और प्राकृतिक पर्यटन स्थल हैं। वाल्मीकिनगर बिहार का प्रमुख वन पर्यटन क्षेत्र है, जहां वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर भारत के प्राचीनतम मंदिरों में से एक है और धार्मिक पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण है।
बुकिंग और संचालन की प्रक्रिया
हेली-टूरिज्म सेवा की बुकिंग के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। यह योजना बिहार पर्यटन विभाग और संबंधित विमानन एजेंसियों के सहयोग से संचालित की जा रही है। शुरुआत में यह सेवा सीमित अवधि और निर्धारित दिनों में उपलब्ध होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाने की योजना है। हवाई यात्रा अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। बिहार में हेली-टूरिज्म की शुरुआत राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक नया प्रयोग है। 2100 रुपये की पटना जॉयराइड आम लोगों को हेलीकॉप्टर उड़ान का अनुभव देने के साथ-साथ बिहार की खूबसूरती को एक नए नजरिए से देखने का अवसर प्रदान करेगी।