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बीजेपी का डिजिटल कैंपेन: युवा मतदाताओं को आकर्षित करने की नई रणनीति

भारतीय जनता पार्टी ने मुंबई में युवा मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए एक नया डिजिटल कैंपेन शुरू किया है। इस अभियान में आधुनिक तकनीक, रचनात्मकता और सोशल मीडिया का उपयोग किया जा रहा है। पार्टी ने मार्वल सुपरहीरो से प्रेरित कैंपेन के माध्यम से युवाओं का ध्यान खींचने का प्रयास किया है। अन्य राजनीतिक दल भी इस ट्रेंड को अपनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी इस क्षेत्र में सबसे आगे है। जानें इस नई रणनीति के बारे में और कैसे यह युवा मतदाताओं को प्रभावित कर रही है।
 

मुंबई में बीजेपी का डिजिटल अभियान


मुंबई: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) युवा मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए तेजी से डिजिटल प्लेटफार्मों की ओर बढ़ रही है। पार्टी ने युवा वोटरों से जुड़ने के लिए आधुनिक तकनीक, रचनात्मकता और सोशल मीडिया का सहारा लिया है। बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव के दौरान, पार्टी ने मार्वल सुपरहीरो से प्रेरित एक अनूठा कैंपेन शुरू किया है, जिसका उद्देश्य मुंबई के युवाओं का ध्यान खींचना है।


अन्य पार्टियों की कोशिशें

कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल भी इस डिजिटल ट्रेंड को अपनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी इस क्षेत्र में सबसे आगे दिखाई दे रही है। पार्टी के सदस्यों का कहना है कि उनकी डिजिटल टीम ने कैंपेनिंग के अंतिम स्तर तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की है।


युवाओं को आकर्षित करने की रणनीति

बीजेपी ने युवाओं को आकर्षित करने के लिए मनोरंजन, भावनाओं और विचारधारा को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया है, जिससे लोग स्वाभाविक रूप से इससे जुड़ रहे हैं। पार्टी अपने कैंपेन में न केवल आकर्षक ग्राफिक्स का उपयोग कर रही है, बल्कि बैनर, बिलबोर्ड और डिजिटल स्क्रीन का भी सहारा ले रही है। इसके अलावा, इस तरह के कंटेंट को सभी प्लेटफार्मों पर प्रमोट किया जा रहा है। बीजेपी ने UBT द्वारा पहले इस्तेमाल किए गए पुराने रेडियो विज्ञापनों के टोन को बदलकर एक नया दृष्टिकोण अपनाया है।


हालांकि, उद्धव ठाकरे भी युवाओं के बीच अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कोस्टल रोड जैसी बड़ी परियोजनाओं का श्रेय लेने पर ध्यान केंद्रित किया है, लेकिन लोग उनके दावों को मानने से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्षों से लंबित परियोजनाओं का श्रेय लेने की कोशिश की जा रही है।


छोटे विज्ञापनों की ओर बढ़ते कदम

युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए, बीजेपी ने लंबे भाषणों पर निर्भर रहना बंद कर दिया है। अब पार्टी इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और व्हाट्सएप स्टेटस के माध्यम से छोटे विज्ञापनों का उपयोग कर रही है, जिससे यह कंटेंट आसानी से साझा किया जा सकता है और लोगों के मन में छाप छोड़ सकता है। अब बीएमसी चुनाव केवल सड़क और नालियों का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि नए और पुराने रिकॉर्ड का भी मंच बन गया है।


एक ओर, उद्धव पार्टी मराठी लोगों को आकर्षित करने के लिए हिंदी भाषी के खिलाफ बोल रही है, वहीं बीजेपी हर भाषा में कैंपेन चलाकर युवाओं के बीच पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है, जिसमें वह काफी हद तक सफल भी हुई है।