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बुलंदशहर में ट्रिपल मर्डर के आरोपी जीतू सोनी एनकाउंटर में ढेर

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रिपल मर्डर के आरोपी जीतू सोनी को पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया है। यह घटना जीतू के जन्मदिन के जश्न के दौरान हुई थी, जब विवाद के चलते तीन युवकों की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने पहले ही दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। जानें इस मामले की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

बुलंदशहर में एनकाउंटर में मारा गया मुख्य आरोपी

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रिपल मर्डर के मुख्य आरोपी जीतू सोनी को पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया है। यह घटना जीतू के जन्मदिन के जश्न के दौरान हुई थी, जब विवाद के चलते तीन युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने पहले ही दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, और अब मुख्य आरोपी भी एनकाउंटर में मारा गया है। जीतू पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा गया था।


जन्मदिन की पार्टी के दौरान, जीतू सोनी के चेहरे पर केक लगाने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके परिणामस्वरूप तीन युवकों की हत्या हुई। मृतकों के परिवार वालों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।


जन्मदिन के मौके पर जीतू ने .32 की पिस्टल से भाजपा नेता के परिवार के तीन सदस्यों की हत्या की। पुलिस की मुठभेड़ ढाकर रोड पर हुई, जिसमें एसओजी प्रभारी असलम और एक अन्य सिपाही भी घायल हो गए। घायलों को उच्च चिकित्सा केंद्र में भेजा गया है। पुलिस ने जीतू के पास से दो पिस्टल, एक तमंचा और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।


25 अप्रैल को एक जिम में जीतू का जन्मदिन मनाया जा रहा था। इसी दौरान कुछ युवकों ने उसके चेहरे पर केक लगा दिया, जिससे विवाद शुरू हुआ और तीन युवकों, आकाश, मनीष और अमनदीप की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए थे। मृतकों के परिजनों ने बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मयंक नामक एक आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।


रिंकू सैनी और भारत सैनी नामक दोनों आरोपियों को खुर्जा नगर पुलिस और स्वाट टीम ने 28-29 अप्रैल की रात मुंडाखेड़ा नहर के पास एक संयुक्त अभियान के दौरान पकड़ा। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस की टीम आरोपियों को वारदात से जुड़े डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) की बरामदगी के लिए ले गई थी, तभी दोनों ने हिरासत से भागने की कोशिश की और छिपाए गए हथियारों से पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के पैरों में गोली मारकर उन्हें काबू कर लिया।