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बृजभूषण शरण सिंह का पतंजलि पर हमला: अदालत में मामला पहुंचा

उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बाबा रामदेव और उनकी कंपनी पतंजलि के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें नकली उत्पादों का उत्पादन शामिल है। यह विवाद अब अदालत तक पहुंच चुका है, जहां पतंजलि ने बृजभूषण के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी, जिसमें पतंजलि के उत्पादों की गुणवत्ता और IMA के साथ चल रहे विवाद का भी जिक्र है।
 

बृजभूषण शरण सिंह का आरोप

उत्तर प्रदेश के कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता बृजभूषण शरण सिंह ने बाबा रामदेव और उनकी कंपनी 'पतंजलि' के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि स्वामी रामदेव नकली घी का उत्पादन करते हैं और उनके उत्पादों की गुणवत्ता संदिग्ध है। सार्वजनिक मंचों पर, वह बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि पतंजलि के अधिकांश उत्पाद मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं।


बृजभूषण और रामदेव का विवाद अदालत में

बृजभूषण शरण सिंह और स्वामी रामदेव के बीच का विवाद अब अदालत तक पहुंच चुका है। बृजभूषण ने पतंजलि के उत्पादों पर सवाल उठाते हुए कई बार बयान दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि बाबा रामदेव सस्ती घी बेचने का दावा करते हैं, जबकि उनके पास गाय या डेयरी नहीं है।


मानहानि का मामला

पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। कंपनी का आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से पतंजलि उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। रामदेव ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 50 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया है। अदालत ने बृजभूषण को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है और अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।


पतंजलि के उत्पादों की वापसी

अप्रैल 2024 में, पतंजलि आयुर्वेद ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि उसने 14 उत्पादों की बिक्री बंद कर दी है। इन उत्पादों का निर्माण लाइसेंस उत्तराखंड स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी द्वारा निलंबित किया गया था। कंपनी ने कहा कि उसने 5,606 फ्रैंचाइजी स्टोरों को इन उत्पादों को वापस लेने के निर्देश दिए हैं।


IMA और पतंजलि का विवाद

IMA और पतंजलि आयुर्वेद के बीच का विवाद भी पुराना है। IMA का आरोप है कि पतंजलि ने कोविड टीकाकरण अभियान और आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के खिलाफ गलत प्रचार किया। इसके चलते उन्हें कई बार माफी मांगनी पड़ी।


पतंजलि के उत्पादों पर सवाल

IMA और सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि पतंजलि ने अपने कई उत्पादों में अतिशयोक्तिपूर्ण दावे किए हैं। कंपनी ने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अपने उत्पादों के विज्ञापनों में असत्यापित दावे किए हैं। कई खाद्य और औषधीय उत्पादों के लैब परीक्षणों में फेल होने की खबरें भी आई हैं।


च्यवनप्राश विवाद

रामदेव ने च्यवनप्राश के विज्ञापनों में दावा किया था कि केवल पतंजलि का उत्पाद असली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस विज्ञापन पर रोक लगाई है। कोर्ट ने पतंजलि को ऐसे सभी विज्ञापनों को तुरंत हटाने का आदेश दिया है।