बेतिया में विवाहिता की संदिग्ध मौत: क्या है हलाला का दबाव?
बेतिया में एक दुखद घटना
बेतिया: बिहार के बेतिया से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। तीन तलाक के खिलाफ बनाए गए सख्त कानूनों के बावजूद एक विवाहिता की जान चली गई। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मनसा टोला में रहने वाली रेहाना खातून की संदिग्ध मौत ने समाज के सोचने के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के पिता का आरोप है कि तलाक के बाद उन पर हलाला के लिए दबाव डाला जा रहा था, जिसका विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई।
निकाह की शुरुआत और विवाद
2 सितंबर 2019 को हुआ था निकाह
रेहाना का निकाह 2 सितंबर 2019 को मसकुर उर्फ लाडले के साथ हुआ था। इस शादी से उनके दो छोटे बच्चे, बेटा रेयान और बेटी आयत हैं। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन लगभग दस दिन पहले पति-पत्नी के बीच एक मामूली विवाद हुआ। परिजनों का कहना है कि इसी झगड़े के बाद मसकुर ने रेहाना को तीन तलाक दे दिया, जिसके बाद घर में तनाव और प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया।
हलाला का अमानवीय दबाव
महिला पर दबाव
तलाक के बाद ससुराल पक्ष ने रेहाना के सामने एक अमानवीय शर्त रखी। मृतका के पिता मोहम्मद साबिर हसन का आरोप है कि ससुराल वाले रेहाना पर 'हलाला' की प्रक्रिया अपनाने का दबाव डाल रहे थे। उसे मजबूर किया जा रहा था कि वह अपने देवर से निकाह करे। रेहाना ने इस अपमानजनक मांग का विरोध किया, जिसके चलते उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
मौत की रहस्यमय परिस्थितियाँ
डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया
गुरुवार की सुबह अचानक रेहाना की तबीयत बिगड़ने की खबर आई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही ससुराल वाले शव को लेकर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस समय पर पहुंच गई। पुलिस की सक्रियता से ससुराल के सभी सदस्य घर छोड़कर फरार हो गए, जिससे उनकी भूमिका संदिग्ध हो गई है।
पिता का दुख और न्याय की मांग
बेटी की मौत से टूट चुके पिता
फरीदाबाद से आए पिता साबिर हसन अपनी बेटी की मौत से पूरी तरह टूट चुके हैं। मुफस्सिल थानाध्यक्ष सम्राट सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब मायके पक्ष की औपचारिक शिकायत का इंतजार कर रही है। आवेदन मिलने पर ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।
कानूनी संरक्षण की विफलता
महिला के आत्मसम्मान का हनन
यह घटना केवल एक मौत नहीं, बल्कि एक महिला के आत्मसम्मान और कानूनी संरक्षण की विफलता का प्रतीक है। कानून की सख्ती के बावजूद कुछ हिस्सों में पुरानी कुरीतियां आज भी महिलाओं का दम घोंट रही हैं। बेतिया के लोग रेहाना के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। मृतका के दो मासूम बच्चों के सिर से माँ का साया उठ चुका है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके।