बेसहारा गाय के हमले से बुजुर्ग महिला की मौत, प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन
रेवाड़ी में बेसहारा पशुओं का बढ़ता आतंक
रेवाड़ी समाचार: रेवाड़ी शहर में सड़कों, गलियों और बाजारों में घूम रहे बेसहारा जानवरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। हाल ही में, इस लापरवाही का शिकार एक 60 वर्षीय महिला, कृष्णा देवी, हुईं, जिनकी एक बेसहारा गाय के हमले में दुखद मृत्यु हो गई।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, कृष्णा देवी शाम के समय मंदिर जा रही थीं। जैसे ही वह गली में पहुंचीं, एक आवारा गाय ने उन पर हमला कर दिया। गाय ने उन्हें सींग से धक्का देकर गिरा दिया और फिर पैरों से रौंद दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
परिजनों का विरोध
बुधवार को महिला का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद, उनके परिजन और कॉलोनीवासी जिला सचिवालय पहुंचे और जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया।
मुआवजे और कार्रवाई की मांग
मृतका के भतीजे नवीन ने बताया कि उनकी बुआ मंदिर जा रही थीं, तभी अचानक गाय ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने प्रशासन से उचित मुआवजे और बेसहारा पशुओं के मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि कई लोग सुबह-शाम दूध निकालने के बाद अपने पशुओं को सड़कों पर छोड़ देते हैं, जिससे आम जनता की जान खतरे में पड़ती है।
नगर परिषद की लापरवाही पर सवाल
स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि परिषद केवल पशुओं को पकड़ने के दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया कि पशु पकड़ने वाली कंपनी कथित तौर पर पकड़े गए पशुओं को उनके मालिकों से पैसे लेकर वापस छोड़ देती है। उन्होंने इस मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।