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बॉलीवुड सितारों का समर्थन: कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा है, जिसमें बॉलीवुड के कई सितारे शामिल हुए हैं। अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने युवाओं से अपील की है कि वे देश का पुनर्निर्माण करें, जबकि ऋचा चड्ढा ने अपने दिल की बात साझा की है। प्रकाश राज और कुनिका सदानंद ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है। जानें इस प्रदर्शन के पीछे की कहानी और सितारों के विचार।
 

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन

मुंबई। 6 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू किया गया है। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया है, जो सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके की अपील पर एकत्र हुए हैं। इस प्रदर्शन को बॉलीवुड के कई मशहूर कलाकारों का समर्थन भी मिला है, जिनमें अभिनेता अतुल कुलकर्णी, ऋचा चड्ढा, कुनिका सदानंद और प्रकाश राज शामिल हैं।


अतुल कुलकर्णी का संदेश

अतुल कुलकर्णी

अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मेरी पीढ़ी और उससे पहले के लोगों ने अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से नहीं निभाया। उन्होंने गलतियां कीं और आज की पीढ़ी के लिए चुनौतियों का सामना छोड़ दिया। अतुल ने युवाओं से अपील की कि वे उम्मीद के साथ खड़े हों और इस देश का पुनर्निर्माण करें।'


ऋचा चड्ढा का समर्थन

ऋचा चड्ढा
ऋचा चड्ढा ने इस प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा, 'मैं ऑकलैंड में हूं, जहां की हवा शायद सबसे साफ है। लेकिन मेरा मन दिल्ली में है। मैं अपने देश के युवाओं को प्यार भेजती हूं। आशा है कि आप दिखावटी देशभक्त बनने के बजाय सच्चे देशभक्त बनेंगे। मैं आपके साथ हूं।'


प्रकाश राज का समर्थन

प्रकाश राज

प्रकाश राज ने कहा कि वह 6 तारीख को प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सभी युवाओं से आग्रह किया कि वे इस आंदोलन में भाग लें।


कुनिका सदानंद का विचार

कुनिका सदानंद
कुनिका सदानंद ने लिखा, 'लोकतंत्र किसी एक पार्टी या विचारधारा का नहीं होता। यह उन नागरिकों का है जो स्वतंत्र रूप से सोचते हैं। असली बदलाव काम और नतीजों से होता है।'


शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील

पुलिस वालों को फूल देने की बात कही
अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की और पुलिसकर्मियों को फूल देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन संविधान और लोकतंत्र के दायरे में रहेगा।