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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं की भागीदारी, भारत की मेज़बानी में महत्वपूर्ण चर्चा

भारत में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेताओं का आगमन हो रहा है। इस सम्मेलन की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे, जिसमें वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन का विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण' है। इस अवसर पर भारत और अन्य देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानें इस सम्मेलन के महत्व और भागीदारी के बारे में।
 

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आगाज़


भारत में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए विभिन्न देशों के नेताओं का आगमन जारी है। शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा, युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) के अध्यक्ष जू जियायी दिल्ली पहुंचे।


सम्मेलन का महत्व और विषय

इस दो दिवसीय सम्मेलन में सभी नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे, जिसका विषय है "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण"। भारत चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और यह सम्मेलन इस समूह की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रहा है। इसमें ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के शीर्ष नेता शामिल होंगे, जिनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं।


भारत और अन्य देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता

यह श्री पेजेशकियन की भारत की पहली यात्रा है, जिसमें शाम को उनका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता का कार्यक्रम है। पश्चिम एशिया संकट के संदर्भ में यह वार्ता महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत और ब्राजील के बीच लंबे समय से दोस्ती और ग्लोबल साउथ में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता है। भारत और रूस के रिश्ते विशेष रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं।


साझेदारी और सहयोग की दिशा

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच भी पुराने और मजबूत संबंध हैं। उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेत्किन इस शिखर सम्मेलन में लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। भारत और यह समुदाय व्यापार, तकनीक साझा करने और ग्लोबल साउथ में साझेदारी मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।


संयुक्त राष्ट्र महासचिव की यात्रा का महत्व

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस की यात्रा ब्रिक्स देशों के बीच बहुपक्षवाद और शांति, विकास तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रचनात्मक संवाद की साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। एआईआईबी अध्यक्ष जू जियायी की यात्रा से सतत विकास और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए अवसर बढ़ाने वाली साझेदारी को मजबूती मिलेगी।