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ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक 2026: चंडीगढ़ में वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों पर चर्चा

ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक 2026 का आयोजन चंडीगढ़ में 21 से 24 जुलाई को होगा। इस बैठक में सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्री वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों पर चर्चा करेंगे और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक साथ आएंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बैठक के महत्व को रेखांकित किया है, जिसमें नवाचार और स्थिरता पर जोर दिया जाएगा। भारत की अध्यक्षता के तहत, यह बैठक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और सस्ती दवाओं की उपलब्धता में सुधार लाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनेगी।
 

ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक का आयोजन

नई दिल्ली: चंडीगढ़ में 2026 में ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में ब्रिक्स देशों के स्वास्थ्य मंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता मिलकर सहयोग को बढ़ावा देंगे, नवाचार को प्रोत्साहित करेंगे और भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान निकालने पर चर्चा करेंगे।


स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा, "चंडीगढ़ में ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक 2026 की मेज़बानी के लिए तैयार है, जहां स्वास्थ्य मंत्री साझेदारी को मजबूत करने, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और मजबूत, नवोन्मेषी और स्थायी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए एकत्रित होंगे।"


बैठक का आयोजन 21 से 24 जुलाई 2026 तक चंडीगढ़ में होगा।


इससे पहले, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नई दिल्ली में 15 अप्रैल 2026 को ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य समूह की पहली बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में ब्रिक्स देशों के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और प्रतिनिधि सार्वजनिक स्वास्थ्य में सहयोग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए थे।


भारत, 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता करते हुए, 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग एवं स्थिरता के लिए निर्माण' के व्यापक विषय के तहत कार्य करेगा। यह विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 के रियो शिखर सम्मेलन में व्यक्त किए गए जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है।


केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने सभी ब्रिक्स देशों का स्वागत करते हुए स्वास्थ्य कार्य समूह के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में हुई बैठकों ने संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों से निपटने, स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और सस्ती दवाओं की उपलब्धता में सुधार लाने के लिए सहयोग को बढ़ावा दिया है।


उन्होंने यह भी बताया कि भारत की प्राथमिकताओं में समावेशी, स्थायी और साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सहयोग को बढ़ावा देना शामिल है, साथ ही ब्रिक्स देशों की विविध स्वास्थ्य प्रणालियों और सामाजिक-आर्थिक संदर्भों को मान्यता देना भी है।