ब्रिटिश सांसद ने ग्रूमिंग गैंग कांड पर फिर से उठाई आवाज़
ग्रूमिंग गैंग कांड पर संसद में बहस
नई दिल्ली। ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लोव ने संसद में दिए अपने भाषण के दौरान ग्रूमिंग गैंग कांड पर एक बार फिर से चर्चा शुरू की। उन्होंने पीड़ितों की गवाही को साझा करते हुए कहा कि इस मामले की सुनवाई के दौरान जो बातें सामने आईं, उन्हें पूरी दुनिया को जानना चाहिए।
लोव ने बताया कि एक पीड़ित के अनुसार, 13 से 16 साल की उम्र के बीच 600 से 700 विभिन्न पुरुषों ने उसका यौन शोषण किया। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन के कम से कम 85 क्षेत्रों में संगठित बाल यौन शोषण के मामले सामने आए हैं। संसद में पढ़ी गई गवाहियों में सामूहिक दुष्कर्म, हिंसा, धमकी और नस्लीय अपमान के आरोप शामिल थे।
एक गवाही में उल्लेख किया गया कि पीड़ित को नशीले पदार्थ देकर कई लोगों के हवाले किया जाता था और उन्हें पिंजरों में बंद रखा जाता था। एक अन्य पीड़ित ने कहा कि विरोध करने पर जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जाती थी।
I want the world to hear what we heard. pic.twitter.com/2DtCS0QztE
— Rupert Lowe MP (@RupertLowe10) June 1, 2026
रूपर्ट लोव ने कहा कि अब इन मामलों पर चुप रहना संभव नहीं है। पिछले साल अगस्त में उन्होंने कहा था कि इस रेप कांड में मुख्य रूप से पाकिस्तानी मूल के पुरुष शामिल हैं, जो दशकों से इस गैंग का संचालन कर रहे हैं।
पीड़ितों की दर्दनाक कहानियाँ
लोव ने संसद में एक पीड़ित की कहानी सुनाई, जिसमें उसने बताया कि आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर एक खाली बोतल को जबरदस्ती उसके प्राइवेट पार्ट में डाल दिया। उस समय उसकी उम्र लगभग 12 या 13 साल थी।
एक अन्य पीड़ित ने कहा कि उन पुरुषों ने उसे पकड़ रखा था और बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। उन्होंने उसे बार-बार पीटा और किसी को घटना के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
जांच के दौरान एक पीड़ित ने कहा कि आरोपी लगातार ऐसे कमेंट करते थे, जिससे यह स्पष्ट होता था कि वे श्वेत और ईसाई लड़कियों को कमतर समझते थे। कुछ पुरुष मुस्लिम लड़कियों को उच्च मूल्यों वाली बताते थे, जिससे वे अपने व्यवहार को सही ठहराते थे।
ब्रिटिश सांसद ने एक और महिला की कहानी साझा की, जिसमें कहा गया कि उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी पुलिस अधिकारी थे। गवाही में कहा गया कि देश के विभिन्न हिस्सों में कई पुलिस अधिकारियों ने उसका यौन शोषण किया।
एक पीड़ित ने अपनी गवाही में कहा कि यह सब तब शुरू हुआ जब वह 13 साल की थी। तीन साल में लगभग 600 से 700 विभिन्न पुरुषों ने उसका यौन शोषण किया। एक पीड़ित ने कहा कि जब वह अस्पताल गई, तो वहां के कर्मचारियों ने उसकी बातों पर ध्यान नहीं दिया और उसे दवाई देकर छुट्टी दे दी।
ग्रूमिंग गैंग का परिचय
ब्रिटेन में 'ग्रूमिंग गैंग' शब्द का उपयोग उन मामलों के लिए किया जाता है, जिनमें बच्चों और किशोरियों का यौन शोषण किया जाता है। यह शब्द रोदरहम, रोशडेल और ओल्डहैम जैसे शहरों में हुई जांचों के बाद प्रचलित हुआ। 1990 के दशक से ऐसे कई मामलों में हजारों पीड़ित सामने आईं, जिनमें अधिकतर आरोपी पाकिस्तानी मूल के थे। ये आरोपी पहले भरोसा जीतते हैं और फिर धमकी, हिंसा, ड्रग्स या ब्लैकमेल के जरिए शोषण करते हैं।
2002 में तत्कालीन लेबर सांसद ऐन क्रायर ने पहली बार चेतावनी दी थी कि पश्चिम यॉर्कशायर के कीघली में पाकिस्तानी मूल के पुरुषों का गैंग लड़कियों का शोषण कर रहा है। 2010 में रोदरहम में पांच पुरुषों को नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के लिए दोषी ठहराया गया। बाद की जांचों में रोदरहम समेत अन्य शहरों में ऐसे संगठित गिरोहों का खुलासा हुआ।