ब्रिटेन के पूर्व राजकुमार एंड्रयू की गिरफ्तारी और रिहाई: एपस्टीन मामले में नया मोड़
एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसोर की गिरफ्तारी
लंदन: ब्रिटेन के पूर्व राजकुमार एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसोर को गुरुवार को जेफरी एपस्टीन से जुड़े एक मामले में हिरासत में लिया गया, लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। 66 वर्षीय एंड्रयू पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी दस्तावेज एपस्टीन को भेजे, जो एक पूर्व दोषी यौन अपराधी हैं। उन्हें उनके 66वें जन्मदिन पर पूर्वी इंग्लैंड के सैंड्रिंघम एस्टेट से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के बाद रिहाई
लगभग 11 घंटे की पूछताछ के बाद, उन्हें ‘अंडर इन्वेस्टिगेशन’ श्रेणी में रिहा किया गया। इसका मतलब है कि फिलहाल उन पर कोई औपचारिक आरोप नहीं लगाया गया है, लेकिन जांच जारी रहेगी।
किंग चार्ल्स-3 की प्रतिक्रिया
एंड्रयू की गिरफ्तारी के बाद, उनके भाई किंग चार्ल्स-3 ने एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, “मैंने एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसोर के संबंध में खबर सुनी है। सार्वजनिक पद से जुड़े दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच की जा रही है। कानून को अपना काम करने दिया जाना चाहिए।”
एपस्टीन के साथ संबंध
एंड्रयू ने हमेशा एपस्टीन के साथ अपने संबंधों में किसी भी गलत कार्रवाई से इनकार किया है, लेकिन उन्होंने यह स्वीकार किया है कि एपस्टीन से दोस्ती करना उनके लिए एक बड़ी गलती थी। गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नी और बच्चों की ओर से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने भी कहा, “कानून को अपना काम करने देना चाहिए और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।”
2010 में भेजे गए सरकारी दस्तावेज
यह ध्यान देने योग्य है कि एंड्रयू पर आरोप है कि उन्होंने 2010 में एपस्टीन को सरकारी दस्तावेज भेजे थे, जब वे व्यापार और निवेश के लिए सरकार के विशेष प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत थे। एपस्टीन के साथ विवाद बढ़ने के बाद, उन्होंने 2011 में इस पद से इस्तीफा दे दिया था।