ब्रिटेन ने नई पीढ़ी के लिए तंबाकू खरीद पर लगाया स्थायी प्रतिबंध
ब्रिटेन में तंबाकू खरीद पर नया कानून
नई दिल्ली। ब्रिटेन की सरकार ने धूम्रपान पर नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब वहां की नई पीढ़ी के लिए सिगरेट खरीदना हमेशा के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा। सरकार ने 'टोबैको एंड वेप्स बिल' को पारित कर दिया है, जिसके तहत 2008 के बाद जन्मे लोग तंबाकू उत्पादों को नहीं खरीद सकेंगे।
यह बिल संसद से पारित हो चुका है और अब केवल किंग चार्ल्स III की औपचारिक स्वीकृति की प्रतीक्षा है, जिसके बाद यह कानून प्रभावी हो जाएगा। यह नियम पूरे ब्रिटेन, जिसमें इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड शामिल हैं, पर लागू होगा। यह बिल 2024 में पेश किया गया था और इसे सरकार की प्राथमिकताओं में रखा गया था। नए नियम के अनुसार, यह कानून 1 जनवरी 2027 से लागू होगा।
कानून का कार्यान्वयन उम्र के अनुसार
1 जनवरी 2027 से तंबाकू खरीदने की न्यूनतम उम्र हर साल एक वर्ष बढ़ती जाएगी। उदाहरण के लिए, यदि 2027 में यह उम्र 18 वर्ष है, तो 2028 में यह 19 वर्ष और 2029 में 20 वर्ष हो जाएगी। 2009 या उसके बाद जन्मे लोग कभी भी कानूनी रूप से सिगरेट नहीं खरीद सकेंगे। दुकानदारों को ग्राहकों की उम्र की जांच करना अनिवार्य होगा, और यदि कोई कम उम्र का व्यक्ति सिगरेट खरीदता है, तो दुकानदार पर जुर्माना लगाया जाएगा। तंबाकू विक्रेताओं को रजिस्ट्रेशन कराना होगा और विज्ञापन तथा प्रमोशन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
ई-सिगरेट पर भी सख्ती
वेपिंग पर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं। स्कूलों, अस्पतालों और बच्चों के खेलने के स्थानों पर धूम्रपान पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। कई इनडोर स्थानों पर वेपिंग भी निषिद्ध होगी। यदि कोई 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति के साथ कार में वेपिंग करता है, तो यह भी अवैध होगा।
ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने कहा है कि यह पीढ़ी पहली स्मोक-फ्री जनरेशन होगी, जो लत और स्वास्थ्य समस्याओं से बची रहेगी। उनका मानना है कि बीमारी का इलाज करने से बेहतर है कि उसे पहले ही रोका जाए।
सरकार का दावा है कि इससे भविष्य में स्मोक-फ्री जनरेशन का निर्माण होगा और धूम्रपान से संबंधित बीमारियों और मौतों की संख्या में कमी आएगी। हालांकि, कुछ लोग और व्यवसाय इसे अत्यधिक सख्त मानते हैं और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हैं।
ब्रिटेन में तंबाकू से हर साल 76,000 मौतें
ब्रिटिश सरकार ने यह कठोर कदम इसलिए उठाया है क्योंकि धूम्रपान लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हर साल 76,000 से अधिक लोग सिगरेट से संबंधित बीमारियों जैसे कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की समस्याओं के कारण अपनी जान गंवाते हैं। सरकार का कहना है कि अधिकांश लोग कम उम्र में ही सिगरेट पीना शुरू कर देते हैं, और बाद में इसे छोड़ना मुश्किल हो जाता है। इसलिए नई पीढ़ी को शुरू से ही इससे दूर रखना आवश्यक है।
धूम्रपान के कारण चिकित्सा पर काफी खर्च होता है, जिससे ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा पर दबाव बढ़ता है। यदि लोग कम धूम्रपान करेंगे, तो यह बोझ भी कम होगा। ब्रिटेन में लगभग 75 प्रतिशत लोग जो सिगरेट पीते हैं, वे चाहते हैं कि उन्होंने कभी इसकी शुरुआत नहीं की होती। इसके अलावा, बीमारियों के कारण लोगों का काम प्रभावित होता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है। सरकार पहले भी चेतावनी और टैक्स जैसे उपाय कर चुकी है, लेकिन इससे पूरी तरह फर्क नहीं पड़ा। इसलिए अब सख्त कानून बनाकर नई पीढ़ी को तंबाकू से दूर रखने की कोशिश की जा रही है।
न्यूजीलैंड पहला देश
न्यूजीलैंड पहला देश था जिसने यह विचार प्रस्तुत किया कि एक निश्चित वर्ष के बाद जन्मे लोग कभी सिगरेट नहीं खरीद पाएंगे। न्यूजीलैंड सरकार ने देश को सिगरेट-तंबाकू से मुक्त करने के लिए यह कानून बनाया था।
दिसंबर 2022 में न्यूजीलैंड की संसद ने तंबाकू-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने वाला स्मोक फ्री एनवायरनमेंट कानून पारित किया था। इसके तहत 2008 के बाद जन्मे लोग किसी भी प्रकार के धूम्रपान उत्पाद नहीं खरीद सकते थे। हालांकि, 2024 में सरकार बदलने पर यह कानून वापस ले लिया गया।
70 से अधिक देशों में स्मोक-फ्री नीति
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2004 में आयरलैंड पहला देश बना जिसने कार्यस्थलों, रेस्टोरेंट और बार में धूम्रपान पर प्रतिबंध लागू किया। 2007 तक केवल 10 देशों में इनडोर धूम्रपान पर प्रतिबंध था। 2023 तक, दुनिया की 71 प्रतिशत आबादी (लगभग 5.6 अरब लोग) किसी न किसी स्मोक-फ्री नीति के दायरे में आ चुकी है।