ब्रिटेन में धूम्रपान पर सख्त कानून: 2008 के बाद जन्मे लोग नहीं खरीद सकेंगे तंबाकू
धूम्रपान-रोधी कानून का ऐतिहासिक निर्णय
जनरेशन बैन कानून दोनों सदनों में पास, 1 जनवरी 2027 से होगा लागू
ब्रिटेन ने अपने सबसे सख्त धूम्रपान-रोधी कानून को मंजूरी दे दी है। ब्रिटिश संसद द्वारा पारित टोबैको एंड वेप्स बिल के तहत एक ऐसी पीढ़ी का निर्माण किया जाएगा, जो कभी भी सिगरेट का उपयोग नहीं कर सकेगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय का उद्देश्य युवाओं को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों से बचाना और देश को स्मोक-फ्री बनाना है।
किंग चार्ल्स की मंजूरी का इंतजार
इस बिल को संसद से मंजूरी मिल चुकी है, और अब केवल किंग चार्ल्स तृतीय की औपचारिक स्वीकृति की आवश्यकता है। यह कानून इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में लागू होगा। नए नियमों के अनुसार, 2008 के बाद जन्मे लोग तंबाकू से संबंधित उत्पादों को कभी भी नहीं खरीद सकेंगे। यह कानून 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होगा।
तंबाकू खरीदने की उम्र हर साल बढ़ेगी
1 जनवरी 2027 से तंबाकू खरीदने की न्यूनतम उम्र हर साल एक वर्ष बढ़ाई जाएगी। उदाहरण के लिए, यदि 2027 में यह उम्र 18 वर्ष है, तो 2028 में यह 19 वर्ष और 2029 में 20 वर्ष हो जाएगी। 2009 या उसके बाद जन्मे लोग कभी भी कानूनी रूप से सिगरेट नहीं खरीद सकेंगे।
दुकानदारों की जिम्मेदारी
दुकानदारों को हर ग्राहक की उम्र की जांच करना अनिवार्य होगा। यदि कोई कम उम्र का व्यक्ति सिगरेट खरीदता है, तो दुकानदार पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, तंबाकू विक्रेताओं को रजिस्ट्रेशन कराना होगा और विज्ञापन पर सख्त पाबंदियां होंगी।
ई-सिगरेट पर भी सख्ती
ई-सिगरेट के उपयोग पर भी सख्त नियम लागू होंगे। स्कूलों, अस्पतालों और बच्चों के खेलने की जगहों पर धूम्रपान पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। कई इनडोर स्थानों पर भी वेपिंग की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति के साथ कार में वेपिंग करता है, तो यह भी अवैध होगा।
स्मोक-फ्री जनरेशन का निर्माण
ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने कहा कि यह पीढ़ी तंबाकू की लत और उसके हानिकारक प्रभावों से मुक्त होगी। उनका मानना है कि बीमारी का इलाज करने से बेहतर है कि उसे पहले ही रोका जाए। सरकार का लक्ष्य है कि इससे धूम्रपान से संबंधित बीमारियों और मौतों की संख्या में कमी आएगी। हालांकि, कुछ लोग इसे बहुत सख्त मानते हैं और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हैं।
ब्रिटेन में तंबाकू से होने वाली मौतें
ब्रिटिश सरकार ने यह कठोर कदम इसलिए उठाया है क्योंकि धूम्रपान लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हर साल 76,000 से अधिक लोग सिगरेट से संबंधित बीमारियों जैसे कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की समस्याओं के कारण अपनी जान गंवा देते हैं।