भाखड़ा नहर से 26 साल पुरानी वैन की खोज, लापता लोगों का राज खुला
भाखड़ा नहर का रहस्य
भाखड़ा नहर: भाखड़ा नहर ने एक ऐसा रहस्य उजागर किया है, जिसका इंतजार एक गांव के लोग पिछले 26 वर्षों से कर रहे थे। वर्ष 2000 में नहर में गिरी मारुति ओमनी वैन अब 32 फुट गहराई से बरामद की गई है। इस वैन के साथ चार लोग लापता हो गए थे, और उनके परिवार केवल उम्मीद के सहारे जी रहे थे।
दुर्घटना का समय
20 अक्टूबर 2000 की रात को कीरतपुर साहिब के गांव कोटला के निवासी मुनी लाल, तेजराम, किसान सुरजीत सिंह और आठ वर्षीय कालू एक शादी समारोह से लौट रहे थे। उनकी ओमनी वैन अचानक अनियंत्रित होकर भाखड़ा नहर में गिर गई। इस हादसे के बाद गांव वालों और परिवारों ने कई दिनों तक खोजबीन की, लेकिन न तो वाहन मिला और न ही कोई शव।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, उस समय गांववालों और परिवारों ने धन जुटाकर हरिद्वार और देहरादून से गोताखोर बुलाए थे। नहर की कई किलोमीटर तक खोज की गई थी, जिसमें लगभग ढाई लाख रुपये गोताखोरों की टीमों को दिए गए थे। धीरे-धीरे गांव वालों ने मान लिया कि शायद अब कुछ नहीं मिलेगा।
खोज के दौरान मिला पुराना सच
हाल ही में गोताखोर कमलप्रीत सैनी को नहर में एक अन्य शव की खोज का काम सौंपा गया था। इसी दौरान 32 फुट गहराई में एक पुरानी गाड़ी नजर आई। जब पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से इसे बाहर निकाला गया, तो सभी की आंखों में आंसू आ गए। वैन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त थी, और अंदर कुछ हड्डियां और एक स्कूल ड्रेस की कमीज मिली, जिसे परिवार ने कालू की बताया।
अस्थियों का विसर्जन
परिजनों ने बरामद अस्थियों का पूरे रीति-रिवाज से पातालपुरी साहिब में विसर्जन किया। परिवार का कहना है कि 26 साल का इंतजार बेहद कठिन था, लेकिन अब कम से कम उन्हें अपने प्रियजनों की अंतिम निशानी मिल गई है।