भागलपुर में पुलिसकर्मियों ने ट्रक ड्राइवर को हनी ट्रैप में फंसाकर लूटा
भागलपुर में पुलिस की शर्मनाक हरकत
भागलपुर: क्या आप सोच सकते हैं कि जिन पुलिसकर्मियों को हमारी सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है, वही रात के अंधेरे में लुटेरे बन जाएं? बिहार के भागलपुर में एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस की वर्दी में कुछ रक्षकों ने एक ट्रक ड्राइवर को सुनियोजित 'हनी ट्रैप' का शिकार बनाते हुए आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया और बड़ी रकम वसूल की। जब इस घटना की जानकारी जिले के एसपी को मिली, तो उन्होंने त्वरित कार्रवाई की, जिससे पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
झूठे एक्सीडेंट का बहाना और फिर लड़की की एंट्री
यह घटना 14 जून की रात की है। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के ट्रक ड्राइवर सुरेंद्र यादव कटिहार से लौट रहे थे। नेशनल हाईवे-31 पर रंगरा थाने की गश्ती टीम ने उन्हें अचानक रोका और एक बाइक सवार को टक्कर मारने का झूठा आरोप लगाया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने एक खौफनाक साजिश रची और ड्राइवर के सामने एक लड़की को लाकर खड़ा कर दिया, जिसके बाद जबरन दोनों की तस्वीरें खींची गईं। आरोप है कि वर्दी वालों ने ड्राइवर के कपड़े उतरवाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाए और सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते हुए एक लाख रुपये की मांग की।
पेट्रोल पंप के स्कैनर से ऑनलाइन वसूली
ड्राइवर, जो आर्थिक रूप से कमजोर था, इतनी बड़ी रकम देने की स्थिति में नहीं था। पुलिस के सामने मिन्नतें करने के बाद, एक पेट्रोल पंप के स्कैनर पर उससे लगभग 18 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए गए। इसके बाद भी जब उसे लगातार धमकियां मिलती रहीं, तो उसने अपने मालिक कृष्ण मोहन यादव को पूरी घटना बताई। इसके बाद डायल-112 के जरिए मामला भागलपुर के एसपी वैभव शर्मा तक पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने नवगछिया सर्किल इंस्पेक्टर श्यामनंदन यादव को जांच का जिम्मा सौंपा।
एसपी के एक्शन से पुलिस में हड़कंप
सर्किल इंस्पेक्टर ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य सबूतों की बारीकी से जांच की, जिससे गश्ती दल की पूरी सच्चाई सामने आई। जांच रिपोर्ट के बाद, एसपी वैभव शर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गश्ती दल के ट्रेनी दारोगा धर्मेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही, ड्यूटी पर मौजूद तीन होमगार्ड जवानों को लाइन हाजिर करते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है। पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और खाकी की आड़ में लूट करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।