भाजपा का केरल का नाम बदलने का प्रस्ताव: राजनीति में नया मोड़
भारतीय जनता पार्टी ने केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने का प्रस्ताव रखा है, जो राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ है। भाजपा ने तिरूवनंतपुरम में अपना पहला मेयर चुना है और अब राज्य के नाम में बदलाव का वादा किया है। यह कदम अन्य राजनीतिक दलों को भी प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर कर रहा है। जानें इस प्रस्ताव के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
Jan 15, 2026, 08:29 IST
भाजपा का ऐतिहासिक कदम
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केरल में अपने इतिहास में केवल एक विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर जीत हासिल की है। हाल ही में, तिरूवनंतपुरम में भाजपा का पहला मेयर चुना गया है। इसके साथ ही, भाजपा ने केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने का प्रस्ताव रखा है। पार्टी के नेता यह वादा कर रहे हैं कि यदि भाजपा की सरकार बनती है, तो राज्य का नाम बदल दिया जाएगा।
अब तक, भाजपा ने केवल सड़कों, रेलवे स्टेशनों और शहरों के नामों में बदलाव किया है, जैसे कि मद्रास को चेन्नई और बॉम्बे को मुंबई में परिवर्तित किया गया। लेकिन यह पहली बार है जब भाजपा ने राज्य के नाम में बदलाव का वादा किया है। इस प्रस्ताव ने अन्य राजनीतिक दलों को भी प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर कर दिया है।