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भाजपा का केरल में नया राजनीतिक अभियान: अमित शाह की रणनीति

भाजपा अब केरल में एक नया राजनीतिक अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हाल के स्थानीय चुनावों में पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे उसका आत्मविश्वास बढ़ा है। भाजपा विकास और सामाजिक मुद्दों को अपने अभियान का हिस्सा बना रही है, और ओबीसी समुदाय का समर्थन भी उसकी रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जानें इस अभियान की पूरी कहानी और भाजपा के भविष्य की संभावनाएं।
 

भाजपा का केरल में नया कदम

भाजपा अब केरल में, जिसे दक्षिण भारत का एक महत्वपूर्ण गढ़ माना जाता है, एक बड़ा कदम उठाने की योजना बना रही है। हाल के स्थानीय चुनावों में पार्टी के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने कार्यकर्ताओं में उत्साह भर दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस अभियान की जिम्मेदारी ली है और कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों के लिए प्रेरित किया है। भाजपा विकास और सामाजिक मुद्दों को अपने अभियान का आधार बनाकर वामपंथी विपक्ष के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।


अमित शाह का नेतृत्व और भाजपा की नई दिशा

गृह मंत्री अमित शाह ने केरल के दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं को बताया कि अब समय बदलने का है। उन्होंने अन्य राज्यों के उदाहरण देकर दिखाया कि भाजपा पहले मणिपुर और त्रिपुरा में नहीं थी, लेकिन अब वहां सत्ता में है। केरल में सत्ता विरोधी माहौल का लाभ उठाते हुए, पार्टी ने बड़े लक्ष्यों को निर्धारित किया है।


एनडीए का बढ़ता वोट शेयर

भाजपा का आत्मविश्वास आंकड़ों से भी स्पष्ट है। 2001 में पार्टी का वोट शेयर केवल 3 प्रतिशत था, जो 2016 और 2021 के बीच बढ़कर 12-15 प्रतिशत तक पहुंच गया। लोकसभा चुनावों में भी भाजपा का प्रदर्शन दर्शाता है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत हो रही है।


स्थानीय चुनावों में मिली सफलता

तिरुवनंतपुरम की नगर निगम और दो नगर पालिकाओं में हाल ही में हुए चुनावों में भाजपा ने एक नया इतिहास रचा है। 101 वार्डों में से 50 जीतकर, पार्टी ने पहली बार केरल में मेयर पद हासिल किया। सभी छह नगर निगमों में एनडीए गठबंधन ने 23 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर प्राप्त किया, जो आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।


राजनीतिक मुद्दे और रणनीति

भाजपा अपने चुनावी अभियान में विकास के मुद्दों के साथ-साथ सामाजिक और भावनात्मक मुद्दों को भी शामिल कर रही है। सबरीमाला मुद्दा धीरे-धीरे पार्टी के लिए महत्वपूर्ण बनता जा रहा है। दक्षिणी केरल में हिंदू मतदाताओं और ओबीसी समुदाय के कुछ वर्गों का समर्थन पार्टी की रणनीति को सफल बनाने में सहायक हो रहा है।


ओबीसी और युवा नेतृत्व का योगदान

ओबीसी समुदाय हिंदू समुदाय का 26 प्रतिशत है। पार्टी के नेता जैसे सुरेंद्रन, वी मुरलीधरन और शोभा सुरेंद्रन इसी समुदाय से आते हैं। उनके नेतृत्व और संगठनात्मक क्षमता के कारण भाजपा की पहुंच न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ रही है, जिससे केरल में पार्टी का भविष्य उज्ज्वल नजर आ रहा है।