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भाजपा ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए शिवराज सिंह चौहान को नियुक्त किया

भारतीय जनता पार्टी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस प्रक्रिया में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। नीतीश कुमार, जिन्होंने लंबे समय तक मुख्यमंत्री का पद संभाला, हाल ही में राज्यसभा सदस्य बने हैं। इस बदलाव के साथ बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और क्या है आगे की योजना।
 

भाजपा का बड़ा निर्णय

नई दिल्ली – भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पार्टी ने विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को नियुक्त किया है।


शिवराज सिंह चौहान की भूमिका

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की भूमिका इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि वे यह तय करेंगे कि पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा कौन होगा। इस संबंध में जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने साझा की।


नीतीश कुमार का नया अध्याय

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि संसदीय बोर्ड ने बिहार में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।


विजय कुमार चौधरी का बयान

बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया के जल्द शुरू होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को मुख्यमंत्री के नाम की अनुशंसा करनी होगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह भाजपा की जिम्मेदारी है कि वह मुख्यमंत्री के नाम की अनुशंसा करे, जिसके बाद एनडीए विधायकों की बैठक होगी।


नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर

नीतीश कुमार, जिन्होंने लगभग दो दशकों तक बिहार के मुख्यमंत्री का पद संभाला, हाल ही में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। उन्हें नई दिल्ली में राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शपथ दिलाई। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कांग्रेस के जयराम रमेश, जेडीयू और भाजपा के अन्य नेता भी उपस्थित थे।


बिहार की सियासत में बदलाव

नीतीश कुमार का यह शपथग्रहण बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है। वह पहले राज्य विधान परिषद के सदस्य थे, लेकिन राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उन्होंने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।


नीतीश कुमार का राजनीतिक इतिहास

नीतीश कुमार मार्च में संसद के उच्च सदन के लिए बिहार से निर्वाचित हुए थे। वह जनता दल यूनाइटेड के प्रमुख भी हैं और बिहार में सत्ता के केंद्र में लगभग दो दशकों तक रहे हैं।