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भाजपा में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी पर सवाल उठते हैं

भारतीय जनता पार्टी की नई टीम में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। नितिन नबीन की अध्यक्षता में बनी इस टीम में 29 वर्ष से कम आयु के किसी भी नेता को स्थान नहीं मिला है, जबकि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया गया था। जानें इस पर क्या प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और पार्टी के भीतर की राजनीति कैसे चल रही है।
 

भाजपा की नई टीम में युवा नेताओं की अनुपस्थिति


भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में 29 वर्ष से कम आयु के किसी भी नेता को स्थान नहीं दिया गया है। सबसे युवा नेता हेमांग जोशी हैं, जिनकी उम्र 35 वर्ष है और उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, सबसे उम्रदराज नेता वसुंधरा राजे हैं, जिनकी उम्र 73 वर्ष है। इस बार युवाओं को अधिक स्थान मिलने की उम्मीद थी, जिसका एक कारण नितिन नबीन की युवा उम्र (46 वर्ष) भी थी।


हालांकि, जानकारों का कहना है कि भाजपा के भीतर युवाओं के राजनीतिक महत्व को सही तरीके से नहीं समझा जा रहा है। प्रदर्शन करने वाले युवा 'जेन जी' के प्रतिनिधि नहीं माने जा रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि जो युवा सेना में भर्ती हो रहे हैं या अग्निवीर बन रहे हैं, वे भी 'जेन जी' का हिस्सा हैं और सरकार के साथ हैं।


इसके अलावा, महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया गया था, लेकिन नई सूची में केवल 12 महिलाएं शामिल हैं। भाजपा के 65 पदाधिकारियों की सूची में से केवल छह को उपाध्यक्ष बनाया गया है, जो संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभाते। भाजपा के सिस्टम में महत्वपूर्ण पद संगठन महामंत्री, महामंत्री और संयुक्त संगठन महामंत्री होते हैं, जिनमें से केवल एक महिला, स्मृति ईरानी, शामिल हैं।