भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव: ट्रंप प्रशासन की नीतियों का प्रभाव
भारत और अमेरिका के रिश्तों में गिरावट
भारत और अमेरिका के बीच संबंध अब पहले जैसे नहीं रहे हैं, खासकर डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान। यह गिरावट 31 जुलाई 2025 को शुरू हुई, जब अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत का पारस्परिक टैरिफ लगाने की घोषणा की। इसके एक सप्ताह बाद, 7 अगस्त 2025 को, रूस से तेल खरीदने के कारण 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया।
ट्रंप का नकारात्मक रुख
ट्रंप और उनके मंत्रियों ने भारत के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। ट्रंप ने भारत की स्थिति को नरक से तुलना करते हुए उसकी अर्थव्यवस्था को मृत बताया। उनके व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भारत को 'टैरिफ किंग' कहा और रूस से तेल खरीदने पर गंभीर आरोप लगाए।
हॉवर्ड लटनिक की धमकियाँ
अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक ने कई बार भारत को धमकी दी। सितंबर 2025 में उन्होंने कहा कि भारत दो महीने में व्यापार समझौते पर बातचीत करेगा और अमेरिका से माफी मांगेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को ठीक करने की आवश्यकता है।
रूस से तेल खरीदने का दबाव
लटनिक ने यह भी कहा कि जब तक भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद नहीं करेगा, तब तक अमेरिका व्यापारिक रिश्तों को नहीं सुलझाएगा। इस दबाव के चलते भारत ने पिछले साल अगस्त, अक्टूबर और नवंबर में रूस से तेल खरीद में कमी की।
ईरान पर हमले का प्रभाव
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया, जिसके बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया। इससे मध्य-पूर्व में ईंधन की आपूर्ति बाधित हुई, और भारत ने रूस से तेल खरीद बढ़ा दी।
नए कानून से बढ़ी खटास
19 सितंबर को ट्रंप ने 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रसिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' पर हस्ताक्षर किए, जिससे भारत और अमेरिका के रिश्तों में और खटास आई। ट्रंप प्रशासन व्यापार समझौते की शर्तें भारत पर थोपना चाहता है, लेकिन भारत कृषि क्षेत्र को खोलने के लिए तैयार नहीं है।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत ने इस बिल पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, यह स्पष्ट करते हुए कि इसका द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका की नीतियों की आलोचना की और कहा कि अमेरिका जानबूझकर एक अकेली शक्ति बन गया है।
भारतीय कंपनियों पर अमेरिकी कार्रवाई
हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने भारतीय आईटी कंपनियों जैसे टीसीएस, विप्रो, एचसीएल और इन्फोसिस को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम से निलंबित कर दिया। इसे भारत के हितों पर हमला माना जा रहा है।
एलन मस्क की भूमिका
एलन मस्क ने आरोप लगाया कि उनके स्टारलिंक को भारत में मंजूरी नहीं मिल रही। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अंबानी भारत के असली मालिक हैं। मस्क का यह बयान भारत की लोकतांत्रिक सरकार पर भी सवाल उठाता है।
पाकिस्तान के साथ अमेरिका की नजदीकियाँ
ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख की बार-बार तारीफ की, जिससे भारत असहज हो गया। भारत ने ट्रंप प्रशासन के साथ धैर्य दिखाया, लेकिन अब यह धैर्य टूटता नजर आ रहा है।